Khabarwala24 News Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा, जो दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात हैं, टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान के घर पहुंचे और उनके लोगों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि अगर लोगों को धमकाने की शिकायत फिर आई तो जहांगीर खान से सही तरीके से निपटा जाएगा और किसी भी बदमाशी का अंजाम बुरा होगा। यह घटना फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में हुई, जहां टीएमसी मजबूत मानी जाती है और अभिषेक बनर्जी का प्रभाव क्षेत्र है। इस वीडियो के बाद बंगाल की राजनीति गरमा गई है।
वायरल वीडियो में क्या कहा? (Bengal Election)
वीडियो में अजय पाल शर्मा जहांगीर खान के घर जाकर उनके समर्थकों से सीधे बात करते दिख रहे हैं। उन्होंने जहांगीर खान का नाम लेकर कहा कि उन्हें समझा दें कि अगर मतदाताओं पर दबाव बनाने या धमकाने की शिकायत दोबारा आई तो मामला सही तरीके से निपटाया जाएगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि बाद में रोने या पछताने का कोई फायदा नहीं होगा।
स्थानीय लोगों से बार-बार शिकायतें मिलने के बाद अधिकारी इस घर पहुंचे थे। उनके सख्त रवैये से इलाके में हड़कंप मच गया। यह तैनाती चुनाव आयोग द्वारा की गई है ताकि दूसरे चरण की वोटिंग शांतिपूर्ण तरीके से हो सके।
View this post on Instagram
कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा?
अजय पाल शर्मा 2011 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वे अपनी सख्त कार्यशैली और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के लिए जानी जाते हैं। यूपी पुलिस में उन्हें ‘सिंघम’ और ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के नाम से भी पुकारा जाता है।
मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले अजय पाल शर्मा पुलिस सेवा में आने से पहले पेशेवर डॉक्टर थे। उन्होंने बीडीएस यानी डेंटल साइंस की पढ़ाई पूरी की थी। बाद में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईपीएस चुना।
वर्तमान में उनकी तैनाती प्रयागराज में ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद पर है। इससे पहले वे शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर जैसे जिलों में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हर जगह उनकी तैनाती के दौरान अपराध पर सख्त कार्रवाई देखी गई।
चुनाव ड्यूटी पर क्यों भेजा गया?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को देखते हुए चुनाव आयोग ने संवेदनशील इलाकों में अनुभवी अधिकारियों को तैनात किया है। अजय पाल शर्मा को दक्षिण 24 परगना जिले का पुलिस पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह क्षेत्र मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है, जहां तृणमूल कांग्रेस की पकड़ मजबूत बताई जाती है।
दूसरे चरण की वोटिंग से पहले मतदाताओं पर दबाव बनाने की शिकायतें मिलने के बाद अधिकारी सक्रिय हुए। उनका तेज तर्रार और बेधड़क अंदाज यहां भी दिख रहा है।
यूपी में रही चर्चित कार्यशैली
अजय पाल शर्मा की पहली पोस्टिंग सहारनपुर में हुई थी। उसके बाद मथुरा, नोएडा, जौनपुर और रामपुर में ट्रांसफर हुए। उन्होंने कई जिलों में अपराधियों के खिलाफ मुठभेड़ों का नेतृत्व किया।
2019 में रामपुर में एक छह वर्षीय बच्ची से रेप के बाद हत्या के मामले में आरोपी नाजिल को एनकाउंटर में तीन गोलियां लगी थीं। इस घटना के बाद उनका नाम पूरे प्रदेश में चर्चा में आया। उन्होंने कैराना पलायन मामले के आरोपी को भी गिरफ्तार किया था।
गौतमबुद्ध नगर में एसएसपी के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान कई इनामी बदमाश जिले से बाहर चले गए थे। उन्होंने बड़े विवादों को सूझबूझ से सुलझाया, जैसे एडीएम और रिटायर्ड कर्नल से जुड़ा नमाज पढ़ने का मामला।
उन्होंने खनन माफिया पर NSA लगाया और भ्रष्टाचार के मामलों में 63 से ज्यादा पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। नोएडा में एक इंस्पेक्टर पर उसी के थाने में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया गया। कॉल सेंटर ठगी के मामलों में भी उनके समय में बड़ी कार्रवाई हुई।
कानपुर हिंसा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें विशेष रूप से भेजा था, जहां उनकी मौजूदगी से अपराधियों में खौफ फैला था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अजय पाल शर्मा पर सवाल उठाए। उन्होंने उन्हें भाजपा का एजेंट बताया और कहा कि रामपुर और संभल में टेस्ट किए हुए एजेंट भेजे गए हैं, लेकिन इनसे कुछ नहीं होगा।
दूसरी तरफ, अधिकारी की कार्यशैली को लेकर कुछ लोगों ने सराहना भी की है। हालांकि, टीएमसी की ओर से इस तैनाती और उनके रवैये पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
एक डॉक्टर से पुलिस अधिकारी तक का सफर
अजय पाल शर्मा का सफर अनोखा रहा है। डेंटल सर्जन के रूप में करियर शुरू करने के बाद उन्होंने पुलिस सेवा चुनी। 2011 बैच में यूपी कैडर मिला। उनके सख्त फैसलों और त्वरित एक्शन की वजह से अपराधियों में उनके नाम का खौफ रहा है।
चुनाव ड्यूटी पर उनकी यह तैनाती सामान्य नहीं मानी जा रही क्योंकि वे यूपी में अपने सख्त रवैये के लिए चर्चित रहे हैं। दक्षिण 24 परगना में उनकी मौजूदगी से मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने का काम और मजबूत हुआ है।
अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, अधिकारी ने केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने और मतदाताओं को बिना किसी दबाव के वोट डालने देने पर जोर दिया है। वीडियो में उन्होंने साफ कहा कि कोई भी बदमाशी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले यह घटना पूरे देश का ध्यान खींच रही है। चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक के रूप में अजय पाल शर्मा का यह अंदाज चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


