Khabarwala24 Meerut News: ग्रीष्मकाल और चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) के मौसम में हजारों श्रद्धालु और पर्यटक हेलीकॉप्टर सेवा, होटल बुकिंग और टूर पैकेज की तलाश में रहते हैं। इस दौरान फर्जी वेबसाइटों, सोशल मीडिया विज्ञापनों और नकली एजेंटों के जरिए साइबर ठग सक्रिय हो जाते हैं।
मेरठ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने जनपदीय पुलिस को भी सख्त निर्देश दिए हैं ताकि ऐसे फ्रॉड को रोका जा सके। उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने भी इस मामले में अलर्ट जारी किया है।
आधिकारिक बुकिंग पोर्टल और संपर्क विवरण (Char Dham Yatra)
उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग की सिर्फ एक आधिकारिक वेबसाइट तय की है। यह है https://heliyatra.irctc.co.in। इसके अलावा राज्य पर्यटन विभाग का आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया गया है, जो 8394833833 है। श्रद्धालु इस नंबर पर “Yatra” लिखकर मैसेज भेज सकते हैं और पंजीकरण तथा जरूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने साफ कहा है कि इनके अलावा किसी भी अन्य वेबसाइट, ऐप या नंबर पर भरोसा न करें। केवल सरकारी और प्रमाणित माध्यमों का ही उपयोग करें।
ठगों का तरीका (Modus Operandi)
साइबर अपराधी बहुत चतुर तरीके से काम करते हैं। वे चारधाम यात्रा, हेलीकॉप्टर सेवा या पर्यटन स्थलों के नाम पर आधिकारिक वेबसाइटों से मिलते-जुलते नाम वाली फर्जी वेबसाइट बना लेते हैं। ये फर्जी साइटें Google सर्च और Facebook-Instagram के विज्ञापनों (Meta Ads) के जरिए ऊपर दिखाई जाती हैं।
जालसाज आकर्षक ऑफर देते हैं जैसे 30 प्रतिशत छूट, तुरंत कन्फर्मेशन, लास्ट सीट, वीआईपी एक्सेस और ग्रुप बुकिंग पर सस्ते दाम। जब कोई व्यक्ति इन पर क्लिक करता है तो उसे व्हाट्सएप या फोन पर संपर्क किया जाता है। ठग खुद को ट्रैवल कंपनी का अधिकृत एजेंट बताते हैं और जल्दी पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं। वे फर्जी UPI ID, QR कोड या बैंक खाता देते हैं। पैसे जमा होने के बाद या तो नकली टिकट भेज देते हैं या फिर संपर्क पूरी तरह से बंद कर लेते हैं। कई लोग पहले ही इस प्रकार की ठगी का शिकार हो चुके हैं।
डीआईजी कलानिधि नैथानी के पुलिस अधिकारियों को निर्देश (Char Dham Yatra)
डीआईजी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। यात्रा शुरू होने से पहले आम लोगों में जागरूकता अभियान चलाएं। फ्रॉड से जुड़े UPI ID, QR कोड, मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी सेवा प्रदाताओं से लेकर तुरंत कार्रवाई करें।
फर्जी Meta विज्ञापनों को हटवाएं और फर्जी वेबसाइटों के डोमेन को रीयल टाइम में ब्लॉक करवाएं। केवल IRCTC के आधिकारिक पोर्टल को प्रमोट करें। अगर कोई पीड़ित उत्तराखंड में ठगा गया है तो e-Zero FIR दर्ज करके केस वहां की पुलिस को ट्रांसफर किया जाए। संबंधित बैंक खातों और UPI अकाउंट को तुरंत फ्रीज कराएं।
जनसामान्य के लिए जरूरी सावधानियां (Char Dham Yatra)
क्या करें:
- हमेशा केवल सरकारी और आधिकारिक वेबसाइट से ही बुकिंग करें।
- भुगतान करने से पहले वेबसाइट का पूरा URL ध्यान से जांच लें।
- कोई संदेह हो तो नजदीकी पुलिस स्टेशन या 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत सूचना दें।
- ठगी होने पर cybercrime.gov.in पोर्टल पर या 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज करें।
क्या न करें:
- अनजान लिंक, विज्ञापन या सोशल मीडिया पोस्ट पर क्लिक न करें।
- व्हाट्सएप, फोन कॉल या मैसेज पर आए किसी भी बुकिंग ऑफर पर भरोसा न करें।
- फर्जी छूट, लास्ट सीट या वीआईपी ऑफर के चक्कर में न पड़ें।
- अपनी बैंक डिटेल्स, OTP, UPI PIN या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- फर्जी UPI ID या QR कोड पर कभी पैसे न भेजें।
डीआईजी की विशेष अपील (Char Dham Yatra)
डीआईजी श्री कलानिधि नैथानी ने सभी पर्यटकों और चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें। कोई भी अपुष्ट जानकारी, आकर्षक ऑफर या अनजान नंबर पर भरोसा न करें। सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।
उन्होंने कहा कि एक छोटी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान के साथ यात्रा की खुशी भी छीन सकती है। इसलिए केवल प्रमाणित और सरकारी माध्यमों का इस्तेमाल करें।
चारधाम यात्रा इस समय लाखों लोगों की आस्था और पर्यटन का बड़ा केंद्र है। सही जानकारी और सावधानी से यात्रा को यादगार और सुरक्षित बनाया जा सकता है। पुलिस प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है और फर्जी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है।
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