Khabarwala24 Haridwar News: केदारनाथ यात्रा से लौटते समय नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन से लापता हुईं 29 वर्षीय प्रज्ञा सिंह पांच दिन बाद बिहार के बेगूसराय में सुरक्षित मिल गई हैं। पुलिस उन्हें हरिद्वार के लक्सर थाने ले आई है जहां पूछताछ चल रही है। प्रज्ञा ने बताया कि वह किसी बात से नाराज होकर अपनी मर्जी से चली गई थीं। परिवार और पुलिस अब उनके पूरे बयान के आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं।
प्रज्ञा सिंह का सुरक्षित मिलना: पांच दिन की चिंता खत्म
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से जुड़े इस मामले ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। केदारनाथ यात्रा के बाद पति मनीष अग्रहरि के साथ नंदा देवी एक्सप्रेस से घर लौट रही प्रज्ञा सिंह ट्रेन में ही गायब हो गई थीं। 5 मई की रात हुई इस घटना के बाद परिवार और पुलिस छह दिन तक लगातार तलाश में जुटे रहे। आखिरकार बुधवार शाम प्रज्ञा का नए नंबर से परिवार से संपर्क हुआ और पुलिस ने उनकी लोकेशन बिहार के बेगूसराय से ट्रेस कर उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया।
देहरादून ग्रामीण के एसपी शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि प्रज्ञा की गुमशुदगी की सूचना मिलते ही लक्सर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और ट्रेन रूट के आधार पर कई टीमें बनाकर काम शुरू किया। प्रारंभिक पूछताछ में प्रज्ञा ने किसी दबाव या तीसरे व्यक्ति की भूमिका से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह खुद नाराजगी की वजह से चली गई थीं।
ट्रेन में कैसे हुई गायब: पति मनीष की कहानी
प्रज्ञा सिंह और उनके पति मनीष अग्रहरि फरवरी 2026 में प्रेम विवाह के बाद केदारनाथ यात्रा पर गए थे। 5 मई की रात दोनों देहरादून से गाजियाबाद जा रही नंदा देवी एक्सप्रेस में सवार थे। हरिद्वार तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही। मनीष को नींद आ गई। जब उनकी आंख मुजफ्फरनगर के पास खुली तो प्रज्ञा सीट पर नहीं थीं।
मनीष ने पहले सोचा कि शायद प्रज्ञा वॉशरूम गई होंगी या किसी दूसरे डिब्बे में होंगी। लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद जब वह नहीं मिलीं तो उन्होंने पूरी ट्रेन में खोजबीन शुरू कर दी। दोनों वॉशरूम चेक किए, आसपास के डिब्बों में पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। प्रज्ञा का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा था।
रात करीब 1 बजे मनीष ने परिवार को फोन कर पूरी बात बताई। इसके बाद वे मुजफ्फरनगर स्टेशन पर उतरे और रेलवे पुलिस से मदद मांगी। परिवार का कहना है कि स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। बाद में रुड़की स्टेशन पर भी यही स्थिति रही, जिससे चिंता और बढ़ गई।
परिवार और पुलिस की तलाश: छह दिन की मेहनत
प्रज्ञा के भाई विभूम ने बताया कि 6 मई की रात से पूरा परिवार लगातार उनकी तलाश में जुटा हुआ था। प्रज्ञा के मोबाइल की आखिरी लोकेशन लक्सर के आसपास मिली थी। इस रूट पर ट्रेन एक मोड़ पर धीमी होती है। परिवार ने लक्सर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस की टीमें रेलवे ट्रैक के आसपास, रुड़की से मुजफ्फरनगर के बीच पैदल सर्च करती रहीं। कई किलोमीटर इलाके को खंगाला गया। उत्तराखंड पुलिस, रेलवे पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार काम कर रही थीं। प्रज्ञा के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मैसेज और व्हाट्सएप चैट की भी जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली।
सीसीटीवी कैमरों के बंद होने ने जांच को और मुश्किल बना दिया था। मनीष का आरोप था कि मुजफ्फरनगर और रुड़की स्टेशन पर कैमरे खराब थे, जिस वजह से यह पता नहीं चल सका कि प्रज्ञा ट्रेन से कब और कहां उतरीं।
बेगूसराय से मिलीं प्रज्ञा: पुलिस की कार्रवाई
पांच दिन बाद प्रज्ञा ने नए नंबर से परिवार से संपर्क किया। पुलिस ने तुरंत उनकी लोकेशन ट्रेस की जो बिहार के बेगूसराय में थी। पुलिस टीम वहां पहुंची और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया। एसपी शेखर चंद्र सुयाल ने कहा कि प्राथमिक उद्देश्य प्रज्ञा को सकुशल वापस लाना था, जो पूरा हो चुका है।
अब लक्सर थाने में प्रज्ञा से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पूरा परिवार थाने में मौजूद है। प्रज्ञा के भाई विभूम ने बताया कि बहन फिलहाल स्वस्थ नजर आ रही हैं। पूछताछ के बाद ही परिवार वाले उनसे पूरी तरह मिल पाएंगे।
पुलिस के अनुसार दोनों की शादी अभी ढाई महीने पहले हुई थी। प्रज्ञा हाउसवाइफ थीं और मनीष सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। शादी के बाद दोनों खुश थे और पहली बार साथ यात्रा पर निकले थे। प्रज्ञा के बयान के बाद ही यह साफ होगा कि ट्रेन से गायब होने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
पूछताछ में क्या निकलेगा सामने
फिलहाल प्रज्ञा ने किसी तीसरे व्यक्ति या दबाव की बात नहीं कही है। उन्होंने अपनी मर्जी से जाने की बात कही है। पुलिस अब उनके पूरे बयान को दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। ट्रेन से कैसे उतरीं, बिहार तक कैसे पहुंचीं, इन सवालों के जवाब उनके बयान से ही मिलने की उम्मीद है।
परिवार अब राहत की सांस ले रहा है। विभूम ने कहा कि पुलिस पूछताछ पूरी होने के बाद ही वे बहन से विस्तार से बात कर पाएंगे। मनीष लगातार पत्नी की तलाश में पुलिस के साथ लगे रहे थे।
ऐसे मामले में क्या सावधानी बरतें
ट्रेन यात्रा के दौरान परिवार के सदस्य अचानक गायब हो जाएं तो तुरंत रेलवे पुलिस और स्थानीय थाने में सूचना दें। मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी और आसपास के लोगों से पूछताछ महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में पुलिस की तेज कार्रवाई और परिवार के सहयोग से प्रज्ञा सुरक्षित वापस मिल सकीं।
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