‘सनातन को खत्म किया ही जाना चाहिए’, CM विजय के सामने DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा में दिया बयान

तमिलनाडु विधानसभा में नई सरकार बनने के बाद DMK के नेता उदयनिधि स्टालिन ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में पहली बार बोलते हुए सनातन धर्म को खत्म करने की बात दोहराई। उन्होंने यह बयान नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के सामने दिया।

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Khabarwala24 News: तमिलनाडु विधानसभा में नई सरकार बनने के बाद DMK के नेता उदयनिधि स्टालिन ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में पहली बार बोलते हुए सनातन धर्म को खत्म करने की बात दोहराई। उन्होंने यह बयान नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के सामने दिया। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में DMK को करारी हार मिली है और अब विपक्ष में बैठकर उदयनिधि ने यह विवादित बयान दिया है, जिस पर BJP ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

उदयनिधि का विधानसभा में विवादित बयान

मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उदयनिधि स्टालिन ने अपना पहला भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोगों को बांटने वाले सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने CM विजय से भी अपील की कि गवर्नेंस में उनकी सलाह ली जाए। उदयनिधि ने बताया कि वे और विजय एक ही कॉलेज में पढ़े हैं, लेकिन राजनीति में वे सीनियर हैं।

उन्होंने DMK पार्टी के संस्थापक अन्नादुरई, करुणानिधि और पूर्व CM एमके स्टालिन का धन्यवाद दिया। उदयनिधि ने कहा कि DMK विपक्ष में रहते हुए भी तमिलनाडु की भलाई के लिए काम करती रहेगी।

पिछला विवाद और डेंगू-मलेरिया वाली तुलना

यह पहली बार नहीं है जब उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म पर यह बयान दिया हो। पहले जब वे डिप्टी CM थे, तब उन्होंने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की थी। उन्होंने कहा था कि इन बीमारियों की तरह सनातन को भी खत्म किया जाना चाहिए। उस समय उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था। अब विधानसभा में फिर से उन्होंने यही बात दोहराई है।

उदयनिधि ने कहा कि वे जातिगत भेदभाव के खिलाफ बोल रहे हैं और आगे भी बोलते रहेंगे।

वंदे मातरम पर उठाया सवाल

भाषण के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने वंदे मातरम का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि BJP शासित राज्यों में शपथ ग्रहण समारोह में वंदे मातरम नहीं गाया गया, लेकिन तमिलनाडु में इसे गाया गया। उन्होंने 2023 में राज्यपाल आरएन रवि के वॉकआउट का भी जिक्र किया।

BJP की तीखी प्रतिक्रिया

उदयनिधि के बयान पर BJP ने तेज प्रतिक्रिया दी। BJP प्रवक्ता सीआर केसवन ने इसे “जहरीला बकवास” बताया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के राज्य प्रतीक में मंदिर का गोपुरम है और लोग अपनी आस्था का अपमान नहीं भूलेंगे।

केसवन ने उदयनिधि को “तमिलनाडु के राहुल गांधी” कहा और आरोप लगाया कि वे बांटने वाली राजनीति करते हैं। उन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा और सेंगोल का जिक्र करते हुए DMK पर निशाना साधा। BJP ने कहा कि DMK ने कार्तिगई दीपम जलाने का विरोध किया और कभी दीपावली की बधाई तक नहीं दी।

शिवसेना UBT नेता का बयान

शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सनातन धर्म वह है जो कभी पैदा नहीं हुआ और न कभी नष्ट होगा। यह अनादि, अनंत और शाश्वत है।

चुनाव परिणाम और नई भूमिका

हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में DMK को भारी हार का सामना करना पड़ा। पूर्व CM एमके स्टालिन चुनाव हार गए और पार्टी सत्ता से बाहर हो गई। इसके बाद उदयनिधि स्टालिन को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब नई सरकार ने सत्ता संभाली है। राजनीतिक विश्लेषक इसे DMK की पुरानी विचारधारा से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि BJP इसे हिंदू भावनाओं के खिलाफ बताती है।

सनातन धर्म पर बहस

सनातन धर्म को लेकर यह बहस कई बार छिड़ चुकी है। एक तरफ लोग इसे हिंदू धर्म की शाश्वत परंपरा मानते हैं, वहीं कुछ नेता इसे जातिवाद और भेदभाव से जोड़कर देखते हैं। उदयनिधि ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य भेदभाव को खत्म करना है, लेकिन उनके बयान ने बड़े स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है।

तमिलनाडु की राजनीति में DMK लंबे समय से द्रविड़ आंदोलन की विचारधारा को आगे बढ़ाती रही है। इस बयान से फिर से पुराने सवाल उठ रहे हैं कि क्या विपक्ष की भूमिका में भी ऐसी बातें जारी रहेंगी।

नए CM विजय के सामने यह बयान दिया जाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेता एक ही कॉलेज के रहे हैं, इसलिए यह बात भी चर्चा में है।

क्या कहते हैं आम लोग

सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कुछ लोग उदयनिधि का समर्थन कर रहे हैं तो ज्यादातर लोग इसे हिंदू विरोधी बता रहे हैं। BJP और अन्य हिंदू संगठन इस मुद्दे को लेकर आगे आंदोलन की तैयारी कर सकते हैं।

तमिलनाडु में सनातन धर्म, मंदिर और आस्था से जुड़े मुद्दे हमेशा संवेदनशील रहे हैं। राज्य के प्रतीक में मंदिर का गोपुरम होने का जिक्र BJP ने इसलिए किया ताकि DMK की विचारधारा और तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत के बीच का अंतर दिखाया जा सके।

उदयनिधि स्टालिन का यह बयान फिर से साबित करता है कि सनातन पर उनका रुख पहले की तरह ही है। विपक्ष की भूमिका में भी वे इसी लाइन पर चल रहे हैं। अब देखना होगा कि नई सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और राजनीतिक बहस कितनी आगे बढ़ती है।

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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