Khabarwala24 News LPG Price Hike: 1 मई 2026 से भारत में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में करीब 993 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इस वजह से दिल्ली में इस सिलेंडर की नई कीमत 3071.50 रुपये हो गई है।
वहीं घरेलू 14.2 किलो वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम परिवारों को कुछ राहत मिली है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के कारण मध्य पूर्व में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव आया है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ा है।
एलपीजी (LPG) कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये का इजाफा
1 मई 2026 को इंडियन ऑयल समेत अन्य तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतें बढ़ा दीं। इस बढ़ोतरी के बाद प्रमुख शहरों में नई दरें इस प्रकार हैं:
- दिल्ली: पहले 2078.50 रुपये, अब 3071.50 रुपये (993 रुपये की बढ़ोतरी)
- मुंबई: पहले 2031 रुपये, अब 3024 रुपये (993 रुपये की बढ़ोतरी)
- कोलकाता: पहले 2208 रुपये, अब 3202 रुपये (लगभग 994 रुपये की बढ़ोतरी)
- चेन्नई: पहले 2246.50 रुपये, अब 3237 रुपये (लगभग 990.50 रुपये की बढ़ोतरी)
यह बढ़ोतरी होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए चुनौती बन गई है। इन व्यवसायों में खाना पकाने की लागत बढ़ने से भोजन की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
Prices of 19 KG Commercial cylinder has been increased by Rs 993 from today. A 19 Kg cylinder will cost Rs 3071.50 in Delhi from today. No change in domestic cylinder prices: Sources
— ANI (@ANI) May 1, 2026
घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतें बिना बदलाव
आम उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 1 मई को कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। दिल्ली में यह सिलेंडर अभी भी 913 रुपये में उपलब्ध है। अन्य शहरों की दरें निम्नलिखित हैं:
- मुंबई: 912.50 रुपये
- कोलकाता: 939 रुपये
- चेन्नई: 928.50 रुपये
आखिरी बार घरेलू सिलेंडर की कीमत में 7 मार्च 2026 को 60 रुपये का इजाफा हुआ था। उसके बाद अप्रैल और मई में घरेलू उपभोक्ताओं को स्थिर दरों का लाभ मिला है।
मार्च से मई 2026 तक कुल कितनी बढ़ोतरी हुई?
ईरान-US तनाव शुरू होने के बाद एलपीजी की कीमतों में क्रमिक बढ़ोतरी देखी गई है। कमर्शियल 19 किलो सिलेंडर पर मार्च से मई तक की कुल बढ़ोतरी लगभग 1330 से 1340 रुपये के आसपास पहुंच गई है। विवरण इस प्रकार है:
- 1 मार्च 2026: 28 से 31 रुपये तक बढ़ोतरी
- 7 मार्च 2026: 114.50 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी
- 1 अप्रैल 2026: 195.50 से 200 रुपये तक इजाफा
- 1 मई 2026: 993 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी
इसके विपरीत घरेलू सिलेंडर पर कुल बढ़ोतरी सिर्फ 60 रुपये रही है, जो मार्च में हुई थी।
Prices of 5 kg Free Trade LPG (FTL) cylinders have also been increased by Rs 261 per cylinder with effect from today: Sources
— ANI (@ANI) May 1, 2026
ईरान-US जंग और होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रभाव
मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व की बड़ी मात्रा में तेल और गैस आपूर्ति का महत्वपूर्ण रास्ता है। इस क्षेत्र में अनिश्चितता के कारण एलपीजी की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत एलपीजी का बड़ा आयातक है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में Saudi Contract Price में हुई बढ़ोतरी का हवाला दे रही हैं। इस तनाव के चलते भारत को अन्य स्रोतों से आयात बढ़ाना पड़ रहा है, जिससे लागत में इजाफा हुआ है।
अप्रैल 2026 में भी लगा था झटका
इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। दिल्ली में उस समय कीमत 1883 रुपये से बढ़कर 2078.50 रुपये हो गई थी। अन्य शहरों में भी समान रूप से इजाफा दर्ज किया गया। इन लगातार बढ़ोतरी से व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं पर दबाव बढ़ा है।
जमाखोरी और सरकार की सख्ती
मार्च और अप्रैल में कुछ शहरों से एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतें आई थीं। सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बुकिंग नियमों को सख्त किया और निगरानी बढ़ाई। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई कि जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक न करें और आधिकारिक चैनलों से ही खरीदारी करें।
खाद्य व्यवसाय पर असर और आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता
कमर्शियल एलपीजी की महंगाई से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की लागत बढ़ गई है। कई व्यवसायी कह रहे हैं कि खाने की कीमतों में मामूली इजाफा हो सकता है। हालांकि, बड़े रेस्टोरेंट इस बढ़ोतरी को अपने मार्जिन से संभाल सकते हैं, लेकिन छोटे विक्रेता और ढाबे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
घरेलू उपयोगकर्ताओं को फिलहाल राहत है, लेकिन अगर मध्य पूर्व में तनाव लंबा खिंचा तो आगे घरेलू सिलेंडर पर भी दबाव बढ़ सकता है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी बड़े व्यवधान से कीमतें और प्रभावित हो सकती हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, भारत को विविध स्रोतों से एलपीजी आयात करने की रणनीति पर काम करना चाहिए। साथ ही, घरेलू उत्पादन बढ़ाने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों जैसे पीएनजी या बायोगैस को बढ़ावा देने की जरूरत है। फिलहाल सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी के माध्यम से सुरक्षा प्रदान कर रही है, खासकर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
- घरेलू सिलेंडर की बुकिंग समय पर करें और अनावश्यक स्टॉक न रखें।
- कमर्शियल उपयोगकर्ता अपनी लागत को नियंत्रित करने के लिए ऊर्जा बचत के उपाय अपनाएं।
- कीमतों में किसी भी बड़े बदलाव की जानकारी के लिए सरकारी तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप चेक करें।
ईरान-US तनाव के बीच एलपीजी कीमतों में यह बढ़ोतरी वैश्विक घटनाओं और स्थानीय बाजार के बीच के संबंध को दर्शाती है। घरेलू उपभोक्ताओं को अभी स्थिरता का लाभ मिल रहा है, लेकिन व्यावसायिक क्षेत्र में चुनौतियां बढ़ी हैं। आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
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