नई दिल्ली, 3 दिसंबर (khabarwala24) संसद के शीतकालीन सत्र का बुधवार को तीसरा दिन है। विपक्ष ने सरकार पर मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने khabarwala24 से बातचीत के दौरान कहा, “सदन चलना चाहिए और सभी जरूरी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। हम चर्चा चाहते थे, क्योंकि चुनाव सुधार आज एक जरूरी मुद्दा है। 40 से अधिक बीएलओ ने अपनी जान गंवाई है।इस पर चर्चा होनी चाहिए। वंदे मातरम हमारे देश के इतिहास से गहराई से जुड़ा है और देश की आत्मा है। इसके 150 सालों पर भी चर्चा होनी चाहिए। हम चाहते थे कि चर्चा सही क्रम में, एक के बाद एक हो। राज्यसभा के एक सर्कुलर के जरिए ‘वंदे मातरम’ कहने पर भी रोक लगा दी गई है। इस सर्कुलर को वापस लेने की हमारी बार-बार मांग के बावजूद इसे वापस नहीं लिया गया है।”
संचार साथी ऐप विवाद पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “टेलीकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट का जारी किया गया नोटिफिकेशन बहुत साफ था कि इस ऐप को आयात किए गए मोबाइल फोन के साथ-साथ भारत में बने फोन पर भी प्री-लोड करना होगा। प्री-लोडिंग नागरिकों की चॉइस नहीं है। जब आप फोन खरीदने जाते हैं, तो ऐप डाउनलोड करना या डिलीट करना आपकी पर्सनल चॉइस है, लेकिन प्री-लोडेड ऐप नहीं।”
उन्होंने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के नेहरू पर दिए हालिया बयान पर कहा, “मुझे नहीं पता कि राजनाथ सिंह इतिहास की कौन सी किताबें पढ़ते हैं, लेकिन हम 2025 में हैं। जवाहरलाल नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री थे और उन्होंने लंबे समय तक देश की सेवा की। इस दौरान उन्होंने देश को उस समय दिशा और विजन दिया जब अंग्रेज अभी-अभी गए थे, गरीबी फैली हुई थी और देश का भविष्य तय करना था।”
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के ‘जिहाद’ वाले बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “मैं फिर से कहती हूं कि एक सोची-समझी स्ट्रैटजी अपनाई जा रही है। जब भारतीय जनता पार्टी और उसकी बी टीम के स्पीकर कुछ मुद्दे उठाते हैं, तो एक तरफ राजनाथ सिंह बाबरी मस्जिद के बारे में बोलते हैं और दूसरी तरफ महमूद मदनी जिहाद के बारे में बात करते हैं। फिर से हिंदू-मुस्लिम नैरेटिव को आगे बढ़ाने की कोशिश की जाती है। यह देश के असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए किया जाता है, चाहे वह भ्रष्टाचार, आतंकी हमला या सुरक्षा का सवाल हो।”
प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदलकर सेवा तीर्थ करने पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “ऑफिस को अच्छा काम करने पर फोकस करना चाहिए। यह जिम्मेदारी का पद है और इसे संभालने वालों के लिए जिम्मेदारी अपने आप में एक तरह का तीर्थ है। जनता के लिए, यह भरोसे को दिखाता है और उस भरोसे को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। वोटरों के भरोसे को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। यह आपका काम है जो यह पक्का करता है कि आपका नाम इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो।”
Source : IANS
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