Khabarwala 24 News Lucknow: UP News उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उठे विवाद और उपभोक्ताओं की शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया है। गुरुवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने ओवरबिलिंग और अन्य समस्याओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के सख्त निर्देश दिए। सीएम ने स्पष्ट कहा कि आम उपभोक्ता ईमानदार होता है और यदि उसे समय पर सही बिल मिले तो वह भुगतान करने में कोई हिचक नहीं करता। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है तो उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए।
स्मार्ट मीटर विवाद का पृष्ठभूमि (UP News)
पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर काफी विवाद चल रहा है। उपभोक्ताओं की शिकायतें मुख्य रूप से ओवरबिलिंग (अधिक बिलिंग), मीटर की गलत रीडिंग, बिना सहमति के प्रीपेड मोड में बदलाव और अचानक कनेक्शन कटने जैसी समस्याओं से जुड़ी हैं। कई क्षेत्रों में उपभोक्ता परिषद और स्थानीय निवासियों ने इन मुद्दों को लेकर आवाज उठाई थी। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि करीब 70 लाख से अधिक मीटर बिना पूरी सहमति के लगाए गए या प्रीपेड मोड में बदल दिए गए, जो उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना जा रहा है।
सीएम योगी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को उपभोक्ता के विश्वास के अनुरूप बनाना जरूरी है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया कि वे स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर को पूरी तरह सक्रिय रखने और शिकायतों के समयबद्ध समाधान पर भी जोर दिया गया।
ऊर्जा क्षेत्र में सुधारों पर फोकस (UP News)
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी विद्युत आपूर्ति को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का लाभ अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे, इसके लिए विश्वसनीय आपूर्ति, तकनीकी दक्षता और जवाबदेही को आधार बनाकर काम किया जाए।
सीएम ने स्मार्ट मीटरिंग को तेज करने, लाइन लॉस में कमी लाने, उपभोक्ता सेवाओं के डिजिटलीकरण और राजस्व संग्रह में सुधार के निर्देश दिए। बिलिंग और भुगतान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सटीक बिल उपलब्ध कराने की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
विद्युत क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति (UP News)
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 में प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 1.65 करोड़ थी, जो 2026 में बढ़कर 3.71 करोड़ से अधिक हो गई है। यह लगभग 126 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसी अवधि में विद्युत भार में करीब 80 प्रतिशत और ऊर्जा बिक्री में 63 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। वर्तमान में कुल ऊर्जा बिक्री 1.27 लाख मिलियन यूनिट तथा कनेक्टेड लोड 84,000 मेगावाट से अधिक है। घरेलू उपभोक्ता कुल कनेक्शनों का 87 प्रतिशत हैं, जबकि राजस्व में वाणिज्यिक और औद्योगिक वर्ग का योगदान सबसे अधिक है।
डिस्कॉम्स (बिजली वितरण कंपनियों) के प्रदर्शन में सुधार पर सीएम ने संतोष व्यक्त किया और राष्ट्रीय रेटिंग में और बेहतरी तथा वितरण अवसंरचना को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों और बुनियादी ढांचे पर जोर (UP News)
ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सीएम ने निर्देश दिए कि न्यूनतम 5 आवास वाले मजरों में भी विद्युतीकरण किया जाए। डबल ग्रुप सप्लाई और कृषि फीडर पृथक्करण के कार्यों को समयबद्ध पूरा करने पर बल दिया गया ताकि ओवरलोडिंग की समस्या दूर हो सके।
ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को तेज करने, नए विद्युत पोल लगाते समय गहराई, केबल गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा बिजली लाइनों को चरणबद्ध रूप से भूमिगत करने के निर्देश दिए गए। उपभोक्ता सेवाओं के अंतर्गत 1912 कॉल सेंटर, ऑनलाइन पोर्टल, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत निस्तारण को प्रभावी बनाने तथा सिंगल विंडो मॉडल को व्यापक स्तर पर लागू करने को कहा गया।
उत्पादन क्षमता और नवीकरणीय ऊर्जा (UP News)
उत्पादन क्षमता के संतुलित विस्तार पर जोर देते हुए सीएम ने सभी तापीय इकाइयों को पूर्ण क्षमता से संचालित रखने और ग्रीष्मकालीन मांग को देखते हुए तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। घाटमपुर की 660 मेगावाट इकाई अप्रैल में संचालन शुरू करेगी। उन्होंने 5,600 मेगावाट की नई परियोजनाओं—मेजा, ओबरा-डी और अनपरा-ई को शीघ्र स्वीकृति देकर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति पर चर्चा (UP News)
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत 4.60 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर (1560 मेगावाट) स्थापित हो चुके हैं। योजना का लाभ अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। यूटिलिटी स्केल सौर और फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने, ‘पीएम कुसुम योजना’ के तहत पंपों के सोलराइजेशन, जैव ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और ईवी चार्जिंग स्टेशनों के विकास पर भी जोर दिया गया।
वर्तमान में प्रदेश में 12,247 मेगावाट तापीय और 526.4 मेगावाट जल विद्युत क्षमता उपलब्ध है। वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच ₹3,143 करोड़ का संचयी लाभ अर्जित किया गया है।
बिजली विजिलेंस में संवेदनशीलता (UP News)
सीएम योगी ने बिजली विजिलेंस की कार्रवाई में संवेदनशीलता बरतने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए जिससे आम आदमी को परेशानी हो।
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