Khabarwala 24 News Lucknow: Up News उत्तर प्रदेश में हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब नई सरकार की असली परीक्षा विभागों के बंटवारे की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से लंबी बैठकें कीं। इन बैठकों में नए मंत्रियों को विभाग सौंपने पर सहमति बन गई है। सूत्रों के मुताबिक, अगले 48 घंटों में राजभवन से पोर्टफोलियो की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
विभागों का अंतिम बंटवारा तय (Up News)
10 मई को कैबिनेट विस्तार में छह नए चेहरों को शामिल किया गया था। इनमें सबसे चर्चित नाम हैं भूपेंद्र सिंह चौधरी, मनोज कुमार पांडेय और कृष्णा पासवान। सूत्र बताते हैं कि संगठन से सरकार में आए भूपेंद्र सिंह चौधरी को महत्वपूर्ण और भारी-भरकम विभाग दिया जा सकता है। सपा छोड़कर भाजपा में आए मनोज कुमार पांडेय के कद के अनुरूप विभाग तय करने में थोड़ा पेच फंसा था, लेकिन दिल्ली की बैठक में इस पर भी सहमति बन गई।

अमित शाह से सीएम योगी ने की मुलाकात (Up News)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अमित शाह के साथ करीब एक घंटे तक चली बैठक में नए मंत्रियों के अलावा समग्र रणनीति पर चर्चा की। अमित शाह ने योगी सरकार की प्राथमिकताओं और मंत्रियों की भूमिका को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया। अब सभी मंत्री अपने-अपने विभाग संभालकर मैदान में उतरेंगे और जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से लागू करेंगे।
मिशन-2027 पर फोकस (Up News)
अमित शाह के बाद योगी आदित्यनाथ भाजपा मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से विस्तार से मुलाकात की। जनवरी 2026 में पार्टी अध्यक्ष बने नितिन नवीन के लिए यूपी सबसे महत्वपूर्ण राज्य है। बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, स्थानीय निकाय चुनाव और संगठनात्मक बदलावों पर गहन मंथन हुआ।
मुख्यमंत्री ने 2027 के लिए तैयार ‘रोडमैप’ की जानकारी साझा की। इसमें अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले का मुकाबला करने, जातीय समीकरण साधने और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति शामिल है। बैठक में रिक्त पड़े निगमों, आयोगों और बोर्डों में नियुक्तियों पर भी चर्चा हुई।
संगठन में बड़ा फेरबदल संभव (Up News)
दिल्ली की इन बैठकों के बाद यूपी भाजपा संगठन में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। नई सांगठनिक टीम गठित करने, क्षेत्रीय संतुलन बनाने और नए चेहरों को मौका देने की तैयारी है। पार्टी कुछ युवा और नये चेहरों को प्रदेश पदाधिकारी बनाकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश करेगी। साथ ही, मंत्रियों के कामकाज की नियमित समीक्षा और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ‘वार रूम’ बनाने की रणनीति भी तैयार की जा रही है।
चुनावी तैयारियां जोरों पर (Up News)
भाजपा 2027 के चुनाव में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों का शीघ्र बंटवारा इसी रणनीति का हिस्सा है। नए मंत्रियों को मिलने वाले विभाग उनके क्षेत्रीय प्रभाव और क्षमता के अनुरूप होंगे, ताकि सरकार की छवि और मजबूत हो सके। योगी सरकार दूसरे कार्यकाल में भी विकास, कानून व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस बनाए रखना चाहती है।
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