Khabarwala24 News Meerut: मेरठ में बन रहा मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी खेल प्रोत्साहन नीति को नई ताकत मिलने वाली है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर बन रहे इस पहले खेल विश्वविद्यालय का 85 प्रतिशत से ज्यादा निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 मई तक काम खत्म करने के सख्त निर्देश दिए हैं। यहां बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (BPES) कोर्स पहले से चल रहा है और आने वाले सत्र में कई नए कोर्स शुरू होने वाले हैं। युवाओं को खेल की दुनिया में बेहतर मौके देने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस यह संस्थान उत्तर प्रदेश को देश का मजबूत खेल केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
उत्तर प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय तेजी से तैयार
लखनऊ से लेकर मेरठ तक योगी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र में बन रहा मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह विश्वविद्यालय न सिर्फ उत्तर प्रदेश के युवाओं बल्कि आसपास के राज्यों जैसे हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के खिलाड़ियों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। मेरठ की राष्ट्रीय राजधानी के नजदीक होने की वजह से यहां पहुंचना भी आसान रहेगा।
विश्वविद्यालय की कुल लागत लगभग 369.11 करोड़ रुपये है। इसे EPC मोड पर बनाया जा रहा है और लोक निर्माण विभाग नोडल एजेंसी की भूमिका निभा रहा है। अब तक करीब 247.01 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। पूरा कैंपस 36.9813 हेक्टेयर यानी लगभग 91.38 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने समयबद्ध लक्ष्य रखा है।
निर्माण कार्य 85 प्रतिशत से ज्यादा पूरा, फिनिशिंग जोरों पर
अभी विश्वविद्यालय का 85 प्रतिशत से अधिक काम हो चुका है। भवन निर्माण के बाद अब फिनिशिंग और आंतरिक काम तेजी से चल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 31 मई तक सारा निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। इसी वजह से अधिकारियों और ठेकेदारों की टीम लगातार मेहनत कर रही है।
कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत के नेतृत्व में शैक्षणिक और प्रशासनिक तैयारियां भी साथ-साथ चल रही हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल यहां बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (BPES) विषय चल रहा है। आने वाले सत्र में और कोर्स शुरू करने की योजना है।
नए कोर्स शुरू करने की तैयारी, NCTE से अनुमति का इंतजार
विश्वविद्यालय में BPES के अलावा बीपीएड, एमपीएड, बीएससी योगा और विभिन्न डिप्लोमा कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव है। इन नए विषयों को चलाने के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) से अनुमति अभी बाकी है। मई महीने में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक होने वाली है। इस बैठक में नए कोर्सों को अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
मंजूरी के बाद विश्वविद्यालय में करीब 300 नए छात्रों के प्रवेश का लक्ष्य रखा गया है। यह एक शिक्षण और एफिलिएटिंग विश्वविद्यालय होगा। यहां स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और पीएचडी स्तर तक पढ़ाई की सुविधा मिलेगी।
पाठ्यक्रम में फिजिकल एजुकेशन, हेल्थ एंड एप्लाइड स्पोर्ट्स साइंसेज, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स कोचिंग, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास मीडिया टेक्नोलॉजी, एडवेंचर स्पोर्ट्स और यूथ अफेयर्स जैसे विषय शामिल किए गए हैं। इनमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों तरह का ज्ञान दिया जाएगा।
अत्याधुनिक खेल सुविधाएं बन रही हैं
यह विश्वविद्यालय सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं बल्कि खेलों का पूरा हब बनेगा। यहां हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स ट्रैक एंड फील्ड, बॉक्सिंग, रेसलिंग जैसी खेल गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सिंथेटिक ट्रैक, हॉकी मैदान, फुटबॉल ग्राउंड, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल और कबड्डी के मैदान तैयार किए जाएंगे।
इसके अलावा लॉन टेनिस कोर्ट, जिम्नेजियम हॉल, सिंथेटिक रनिंग स्टेडियम, स्विमिंग पूल, बहुउद्देशीय हॉल और स्पोर्ट्स साइंस लैब भी बनाए जाएंगे। कुल 22 ओलंपिक खेलों का संचालन यहां संभव होगा। इस साल से एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, वेट लिफ्टिंग, बॉक्सिंग, रेसलिंग, योग, ताइक्वांडो, जूडो, स्विमिंग और कबड्डी शुरू हो जाएंगे।
अगले साल से शूटिंग, आर्चरी, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, वुशु, घुड़सवारी और पानी के खेल भी शामिल किए जाएंगे। ये सुविधाएं ग्रामीण युवाओं को भी आधुनिक प्रशिक्षण देने में मदद करेंगी।
युवाओं के लिए नई संभावनाएं और रोजगार के अवसर
कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत कहते हैं कि विश्वविद्यालय खेलों के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यहां विश्वस्तरीय कोचिंग, आधुनिक प्रशिक्षण और खेल विज्ञान पर अनुसंधान पर जोर दिया जाएगा। मिशन है उत्तर प्रदेश को भारतीय खेलों का सबसे शक्तिशाली केंद्र बनाना, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, चैंपियन और ओलंपियन तैयार हों।
इस विश्वविद्यालय के बनने से न सिर्फ खेल संस्कृति मजबूत होगी बल्कि क्षेत्र में विकास और नए रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल की प्रेरणा से यह देश का एक बड़ा खेल विश्वविद्यालय बनने जा रहा है।
खेल शिक्षा में नया मानक स्थापित करने की दिशा
उत्तर प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में खेल संस्कृति और उत्कृष्टता लाना है। युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करना और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराना इसकी प्राथमिकता है।
विश्वविद्यालय न केवल खिलाड़ी तैयार करेगा बल्कि खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छुएगा। मेरठ जैसे इलाके में इसका होना आसपास के राज्यों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


