Ganga Express way 15 दिन फ्री सफर, टोल टैक्स कैबिनेट मंजूरी के बाद ही लगेगा

Khabarwala 24 News Lucknow: Ganga Express way उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों को अभी लगभग 15 दिन तक फ्री सफर मिलेगा। गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल दरें तो तय कर दी गई हैं, लेकिन टोल वसूली शुरू होने में अभी करीब दो सप्ताह का समय लगेगा। सूत्रों के मुताबिक, […]

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Khabarwala 24 News Lucknow: Ganga Express way उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों को अभी लगभग 15 दिन तक फ्री सफर मिलेगा। गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल दरें तो तय कर दी गई हैं, लेकिन टोल वसूली शुरू होने में अभी करीब दो सप्ताह का समय लगेगा। सूत्रों के मुताबिक, टोल प्लाजा पर वसूली तभी शुरू होगी जब योगी आदित्यनाथ कैबिनेट इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे देगी।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गंगा एक्सप्रेसवे पर विभिन्न वाहनों के लिए टोल दरें इस प्रकार तय की गई हैं (Ganga Express way)

  • दो पहिया, तीन पहिया और पंजीकृत ट्रैक्टर: 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर
  • कार, जीप, वैन और हल्के वाहन: 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर
  • हल्के वाणिज्यिक वाहन और हल्के माल वाहन: 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर
  • मिनी बस, बस और ट्रक: 8.20 रुपये प्रति किलोमीटर
  • भारी निर्माण मशीनरी और मिट्टी हटाने वाले वाहन: 12.60 रुपये प्रति किलोमीटर
  • उपकरण व बहुएक्सल वाहन (7 या अधिक एक्सल): 16.10 रुपये प्रति किलोमीटर

एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है और इस पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।

उच्च गुणवत्ता वाली निर्माण तकनीक (Ganga Express way)

गंगा एक्सप्रेसवे को बेहद मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। मौसम के हर हालात में सड़क को सुरक्षित रखने के लिए 100 मिलीमीटर मोटी मौसम अनुकूल डामर परत (डीबीएम) लगाई गई है। इस परत को बनाने में कुल 3,67,022 मीट्रिक टन डामर का उपयोग किया गया है। यह परत भीषण गर्मी और भारी बारिश दोनों से सड़क को बचाती है।

सड़क की मजबूती बढ़ाने के लिए कैलिफोर्निया बेयरिंग रेशियो (CBR) को 8 पर रखा गया है, जो बेहद उच्च स्तर का स्थिर आधार माना जाता है। पूरे प्रोजेक्ट में कुल 19 करोड़ घन मीटर मिट्टी, 2,78,380 मीट्रिक टन स्टील, 14,83,313 मीट्रिक टन सीमेंट और 41.88 लाख घन मीटर रेत का इस्तेमाल हुआ है।

एक्सप्रेसवे के मुख्य कैरिजवे की कुल मोटाई 485 से 500 मिलीमीटर तक रखी गई है। इसकी डिजाइन क्षमता 79 से 108 मिलियन स्टैंडर्ड एक्सल (MSA) तक है, जिसका मतलब है कि यह करोड़ों भारी मालवाहक वाहनों के लगातार भार को बिना किसी क्षति के सहन कर सकेगा।

सुरक्षा और रखरखाव पर खास फोकस (Ganga Express way)

प्रोजेक्ट में कुल 254 लाख मैन-डेज का श्रम लगा है। डिजाइन क्रस्ट तकनीक का उपयोग करने से भविष्य में रखरखाव की लागत भी काफी कम होने की उम्मीद है। यात्रा को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक स्विस सेंसर तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

योगी सरकार का तीसरा बड़ा एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट (Ganga Express way)

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनाया गया है। यह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के बाद योगी सरकार का तीसरा बड़ा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट है, जो औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू होगी टोल वसूली (Ganga Express way)

कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही टोल वसूली शुरू हो जाएगी। फिलहाल वाहन चालक बिना टोल दिए पूरे 594 किलोमीटर का सफर आराम से तय कर सकते हैं। अधिकारियों का दावा है कि गुणवत्ता और सुरक्षा के मामले में गंगा एक्सप्रेसवे देश के सबसे बेहतरीन एक्सप्रेसवे में से एक साबित होगा।
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