Delhi में ट्रक एंट्री महंगी: कमर्शियल वाहनों पर ECC बढ़कर 4000 रुपये, जानें नई दरें

Delhi News: दिल्ली में कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री अब महंगी हो गई है। राजधानी में प्रवेश करने वाले ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहनों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) बढ़ा दिया गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने हाल ही में पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क में संशोधन की अधिसूचना जारी की है।

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

Khabarwala24 Delhi News: दिल्ली में कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री अब महंगी हो गई है। राजधानी में प्रवेश करने वाले ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहनों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) बढ़ा दिया गया है। हल्की कमर्शियल गाड़ियों और दो एक्सल ट्रकों पर शुल्क 1400 रुपये से बढ़कर 2000 रुपये हो गया है, जबकि तीन एक्सल और चार या अधिक एक्सल वाले भारी ट्रकों पर यह 2600 रुपये से बढ़कर 4000 रुपये कर दिया गया है।

यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लागू किया गया है, जिसका मकसद दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करना और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को शहर के अंदर आने से हतोत्साहित करना है। हर साल अप्रैल में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी तय की गई है।

दिल्ली ECC बढ़ोतरी: नई दरें और प्रभाव (Delhi News)

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने हाल ही में पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क में संशोधन की अधिसूचना जारी की है। नई दरें अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई हैं। कैटेगरी 2 (हल्की कमर्शियल गाड़ियां) और कैटेगरी 3 (दो एक्सल ट्रक) के लिए ECC अब 2000 रुपये है, जो पहले 1400 रुपये था। कैटेगरी 4 (तीन एक्सल ट्रक) और कैटेगरी 5 (चार या अधिक एक्सल ट्रक) के लिए शुल्क 4000 रुपये निर्धारित किया गया है, जो पहले 2600 रुपये था।

यह बढ़ोतरी करीब 43 से 54 प्रतिशत तक की है। अधिकारियों का कहना है कि इससे भारी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले डीजल वाहनों की दिल्ली में अनावश्यक एंट्री पर अंकुश लगेगा।

ECC बढ़ाने का सुझाव किसने दिया और क्यों? (Delhi News)

फरवरी में सुप्रीम कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ECC बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। CAQM ने बताया कि 2015 के बाद से शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी, जिसकी वजह से इसका असर कम हो गया था। कई ट्रांसपोर्टर वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बजाय दिल्ली के रास्ते से गुजर रहे थे, क्योंकि पुराना शुल्क अब महंगा नहीं लगता था।

सुप्रीम कोर्ट ने MC मेहता बनाम भारत संघ मामले में CAQM के प्रस्ताव को उचित माना और इसे मंजूरी दे दी। कोर्ट ने कहा कि यह कदम दिल्ली के प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

दिल्ली में रोज कितने कमर्शियल वाहन एंटर करते हैं? (Delhi News)

अनुमान के मुताबिक, हर दिन कम से कम 4000 ट्रक दिल्ली में प्रवेश करते हैं। इनमें ज्यादातर ट्रांजिट ट्रैफिक होता है, जो दिल्ली को पार करके दूसरे राज्यों में जाता है। बढ़े हुए ECC का मकसद इन्हें पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि शहर के अंदर वाहनों की संख्या और प्रदूषण दोनों कम हों।

नई ECC दरें किस पर लागू होंगी?

  • कैटेगरी 2 और 3: हल्की कमर्शियल गाड़ियां और दो एक्सल ट्रक – 1400 रुपये से बढ़कर 2000 रुपये
  • कैटेगरी 4 और 5: तीन एक्सल ट्रक तथा चार या अधिक एक्सल वाले भारी ट्रक – 2600 रुपये से बढ़कर 4000 रुपये

यह शुल्क सभी कमर्शियल वाहनों पर लागू होता है जो दिल्ली में एंटर करते हैं। टोल प्लाजा पर अलग से टोल भी चुकाना पड़ता है। ECC केवल पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए है।

हर साल 5 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रावधान

सुप्रीम कोर्ट ने ECC में हर साल अप्रैल से 5 प्रतिशत की स्वत: बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी है। यह बढ़ोतरी मुद्रास्फीति और वाहन परिचालन लागत को ध्यान में रखते हुए की जाएगी। नई राशि 10 रुपये के निकटतम पूर्णांक में होगी। इससे शुल्क का निरोधक प्रभाव बरकरार रहेगा।

ECC बढ़ने का मकसद क्या है?

यह सिर्फ राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं किया गया है। मुख्य उद्देश्य दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करना है। भारी डीजल वाहन ज्यादा धुआं छोड़ते हैं, इसलिए उन्हें महंगा करके ट्रांसपोर्टरों का ध्यान स्वच्छ ईंधन या कम प्रदूषण वाले विकल्पों की ओर मोड़ना है। साथ ही, अनावश्यक ट्रांजिट ट्रैफिक को शहर से बाहर रखना भी लक्ष्य है।

आम लोगों और सामान की कीमतों पर असर

ट्रांसपोर्टरों को ज्यादा शुल्क चुकाना पड़ने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ सकता है। अगर कोई सामान दिल्ली से होकर गुजरता है तो उसकी लागत थोड़ी बढ़ सकती है, जिसका असर अंत में उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल बढ़ने से कुल मिलाकर ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों नियंत्रित होंगे।

किन वाहनों पर वसूला जाएगा ECC?

यह शुल्क दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी कमर्शियल वाहनों पर लागू है, चाहे वे हल्के हों या भारी। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद MCD ने इसे तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं। गैर-जरूरी सामान ले जाने वाले वाहनों को विशेष रूप से पेरिफेरल रूट लेने की सलाह दी गई है।

दिल्ली सरकार और संबंधित विभागों का कहना है कि यह कदम एमसी मेहता मामले में कोर्ट के पुराने निर्देशों के अनुरूप है। लक्ष्य राजधानी की हवा को साफ रखना है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img
Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Breaking News