स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शुरू की गौ रक्षा यात्रा, कहा- यह राजनीति नहीं, धर्मयुद्ध है

वाराणसी, 7 मार्च (khabarwala24)। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार से अपनी गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा शुरू कर दी है। यह यात्रा 7 मार्च को वाराणसी से शुरू होकर कई जिलों से होकर गुजरेगी और 11 मार्च को लखनऊ में बड़े धरना प्रदर्शन के साथ खत्म होगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गाय को राज्य माता का […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

वाराणसी, 7 मार्च (khabarwala24)। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार से अपनी गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा शुरू कर दी है। यह यात्रा 7 मार्च को वाराणसी से शुरू होकर कई जिलों से होकर गुजरेगी और 11 मार्च को लखनऊ में बड़े धरना प्रदर्शन के साथ खत्म होगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गाय को राज्य माता का दर्जा दिलाना है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार सुबह अपने आश्रम से गौ रक्षा यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि गंगा से गोमती की ओर यात्रा का मतलब सिर्फ रास्ता तय करना नहीं है, बल्कि धर्म और गाय के प्रति सम्मान जताना है। गंगा गौमुख से निकलती है और इसका गाय से सीधा संबंध है, वहीं गोमती का नाम ही गाय से जुड़ा है।

उन्होंने बताया कि यात्रा की शुरुआत आज वे चिंतामणि गणेश मंदिर में दर्शन से करेंगे, जहां वह निर्विघ्न यात्रा की प्रार्थना करेंगे, फिर संकट मोचन मंदिर में हनुमान जी से गायों की सुरक्षा के लिए आशीर्वाद लेंगे।

उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान जौनपुर में वे जमदग्नि ऋषि के आश्रम जाएंगे, जिन्होंने लोगों और गायों की रक्षा की थी। उन्होंने बताया कि राजा कार्तवीर्य ने गायों पर अत्याचार किया था, लेकिन परशुराम जी ने उनके संरक्षण में कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद यात्रा सुलतानपुर, रायबरेली, मोहनलालगंज, लालगंज होते हुए लखनऊ की ओर बढ़ेगी।

शंकराचार्य ने मीडिया से कहा कि यह यात्रा कोई राजनीतिक अभियान नहीं है। उनका उद्देश्य गौ माता की रक्षा करना और समाज में गायों के महत्व को बताना है। उन्होंने यह भी बताया कि कोई संगठन या पार्टी इसके पीछे नहीं है, यह पूरी तरह से लोगों की भावना और धर्म की रक्षा के लिए है। यात्रा में हर कोई अपनी श्रद्धा और आस्था के अनुसार शामिल होगा।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि गंगा और गोमती का नाम गाय से जुड़ा है। गंगा की उत्पत्ति गौमुख से होती है और गोमती का मतलब है गाय वाली नदी। लखनऊ गोमती नदी के किनारे बसा है, इसलिए इस यात्रा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि जिस नदी के किनारे गाय रहती है, वहां की समाज और संस्कृति मजबूत रहती है। इसलिए इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और गायों का सम्मान बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि 11 मार्च को लखनऊ से गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का शंखनाद होगा और हम पूरी ताकत से अपनी बात रखेंगे। उनका कहना है कि यह यात्रा लोगों को जोड़ने, गायों के महत्व को समझाने और समाज में उनकी रक्षा के लिए खड़ा होने का एक प्रयास है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Breaking News