प्रयागराज, 11 मार्च (khabarwala24)। शीतलाष्टमी के अवसर पर शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने आ रहे हैं। शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर के महासचिव पंडित श्याम जी पाठक ने khabarwala24 से बताया कि लगभग 150 वर्षों से यह मेला पवित्र शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में आयोजित किया जा रहा है। इस उत्सव को शीतला अष्टमी के नाम से जाना जाता है।
इस मेले के महत्व के बारे में उन्होंने बताया कि सप्तमी तिथि को माताएं अपने पुत्र के लिए मंगलकामना के लिए व्रत रखती हैं और पूड़ी इत्यादि बनाकर मां को भोग लगाती हैं। पूरा परिवार इसी प्रसाद को ग्रहण करता है। इस दिन माताएं अपने घरों पर चूल्हा नहीं जलाती हैं। यह परंपरा बीते 150 वर्षों से चली आ रही है। उन्होंने बताया कि आज के दिन लगभग एक लाख लोग मां के दर्शन करते हैं।
उन्होंने बताया कि यहां पर देवी जागरण, बिरहा, नौटंकी पारंपरिक तरीके से होती है। उन्होंने कहा कि ढोल बैंड बाजे के साथ निशान आते हैं। उन्होनें कहा कि यहां पूरे दिन कई प्रकार के आयोजन किए जाते हैं। रातभर मां का कपाट खुला रहा है। उन्होंने बताया कल दोपहर एक बजे मां का पट बंद होगा।
मां के दर्शन करने आई एक महिला श्रद्धालु ने khabarwala24 से बताया कि आज का महत्व यह है कि पुत्रों की प्राप्ति के लिए व्रत रखा जाता है। भोर में ही पूरी-हलवा भगवान को भोग लगाने के लिए बनाया जाता है। एक और महिला श्रद्धालु ने कहा कि आज के दिन संतान के लिए उपवास रखा जाता है। बच्चे का जीवन खुशहाल रहे इसलिए व्रत रखा जाता है।
बता दें कि मां शीतला का यह व्रत चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। जिसे शीतला सप्तमी या बासौड़ा (बसोड़ा) के नाम से जाना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से आरोग्य, स्वास्थ्य और रोगों से मुक्ति के लिए रखा जाता है। इस दिन ताजा गर्म भोजन नहीं बनाया जाता। एक दिन पहले (षष्ठी या सप्तमी की शाम) को बना बासी (ठंडा) भोजन ही मां को भोग लगाया जाता है और परिवार भी वही खाता है। यह शीतलता का प्रतीक है और मां को प्रसन्न करने का मुख्य विधान है।
Previous articleघरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कमी नहीं, वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए डिलीवरी बंद : गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


