ईरान संघर्ष से भारत को होगा बड़ा आर्थिक नुकसान: प्रियंका चतुर्वेदी

नई दिल्ली, 7 मार्च (khabarwala24)। शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर कहा कि दुनियाभर में भारी नुकसान हो रहा है। भारत का नुकसान इसलिए है, क्योंकि हमारी जो इनर्जी सिक्योरिटी है वो इंपोर्ट होती है।उन्होंने कहा कि ईरान में लगातार संघर्ष जारी है। इससे उपजी आर्थिक […]

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नई दिल्ली, 7 मार्च (khabarwala24)। शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर कहा कि दुनियाभर में भारी नुकसान हो रहा है। भारत का नुकसान इसलिए है, क्योंकि हमारी जो इनर्जी सिक्योरिटी है वो इंपोर्ट होती है।

उन्होंने कहा कि ईरान में लगातार संघर्ष जारी है। इससे उपजी आर्थिक चुनौतियों का सामना सभी को करना पड़ेगा, लेकिन भारत में इसका इंपैक्ट ज्यादा होगा। जरूरी है कि संघर्ष पर लगाम लगाने के लिए भारत बोले।

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एसआईआर के खिलाफ ममता बनर्जी के धरना प्रदर्शन को लेकर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ममता बनर्जी की लड़ाई सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है। हर चुनावी राज्य में एसआईआर की आड़ में ये लोग मतदाताओं के अधिकारों का हनन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मैं शुरू से कह रही हूं कि भारतीय जनता पार्टी ने अपना प्लेबुक बना लिया है। पूरी पीएचडी थीसिस कर ली है कि वोट आप कहीं भी दें, सरकार भाजपा की ही बनेगी। उन्होंने कहा कि चाहे पार्टी तोड़कर हो, विपक्ष को तोड़कर हो, विरोधी दलों की सरकार गिराने का काम हो या अब चुनाव आयोग के माध्यम से मतदाताओं के मतदान करने का अधिकार हटाने का काम हो।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर उन्होंने कहा कि बिहार में लोगों ने नीतीश कुमार को वोट किया, लेकिन भाजपा को नहीं सुहाया तो उनको रातोंरात राज्यसभा भेज दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हमने देखा। हमारी सरकार चल रही थी पार्टी तोड़कर सरकार बनाने का काम किया। सत्ता की आग कहीं तो खत्म होनी चाहिए, क्यों यह हमारी प्रजातंत्र और संविधान में आग लगा दे रही है।

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लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मेरे हिसाब से जो स्पीकर का रवैया रहा है, हमने देखा है कि कैसे विपक्ष को चुप कराने का काम किया जाता है। विपक्ष के नेताओं के माइक बंद कर दिए जाते हैं। विपक्ष बार-बार कहता है कि आप अपने 10 मुद्दे रखिए, दो मुद्दा विपक्ष का होना चाहिए। ये उसको भी दरकिनार करते हैं। इस वक्त तो सारी हदें ही पार हो गई थीं। जहां एलओपी को बोलने नहीं दिया था। एलओपी पर आरोप लगाए गए कि वो किताब से पढ़ रहे थे। मुझे उम्मीद है कि पहले दिन संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश होगा और पहले दिन चर्चा होगी।

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