Khabarwala 24 News Meerut: Ganga Expressway उत्तर प्रदेश में तेज़ी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रदेश सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के उद्घाटन की तैयारियों में जुट गई है, जिसे राज्य को “एक्सप्रेसवे स्टेट” बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के बाद यह दूसरी बड़ी परियोजना होगी, जो प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति देगी।
अफसरों ने किया Ganga Expressway का निरीक्षण
हाल ही में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) और अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने मेरठ से उन्नाव तक गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने करीब 421 किलोमीटर लंबे हिस्से पर हाई-स्पीड ट्रायल रन किया, जो कुल 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का बड़ा भाग है। इस ट्रायल का उद्देश्य सड़क की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और निर्माण कार्य की स्थिति का आकलन करना था।
Ganga Expressway के आधुनिक कंट्रोल रूम का लिया जायजा
निरीक्षण की शुरुआत मेरठ के बिजौली क्षेत्र से हुई। इसके बाद खरखौदा के खड़खड़ी स्थित मुख्य टोल प्लाजा और वहां बनाए गए आधुनिक कंट्रोल रूम का जायजा लिया गया। सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टोल संचालन, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह से आधुनिक और त्रुटिरहित होनी चाहिए।
Ganga Expressway पर पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
इसके बाद निरीक्षण दल हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई और उन्नाव जैसे कई महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरा। पूरे मार्ग पर सड़क की फिनिशिंग, लेन मार्किंग, साइन बोर्ड और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा गया। इस दौरान एक्सप्रेसवे के किनारे हरित पट्टी विकसित करने के उद्देश्य से पौधारोपण भी किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।
कई अफसर निरीक्षण के दौरान रहे मौजूद (Ganga Expressway)
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और तकनीकी टीम पूरी तरह सक्रिय रही। मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, हापुड़ के डीएम अभिषेक पांडेय, यूपीडा के मुख्य अभियंता आरके चौधरी और नोडल अधिकारी मोहित पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, मुख्य कैरिज-वे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अब अंतिम चरण के कार्य जैसे साइन बोर्ड, लाइटिंग और सुरक्षा उपकरणों की स्थापना तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।
Ganga Expressway से समय की होगी बचत
गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और प्रयागराज के बीच यात्रा समय में बड़ा बदलाव आएगा। अभी जहां यह दूरी तय करने में 10 से 12 घंटे लगते हैं, वहीं एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह सफर महज 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे खासतौर पर संगम स्नान, कुंभ और अन्य धार्मिक आयोजनों में आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
Ganga Expressway से अधिवक्ता, व्यापारियों को मिलेगी राहत
इसके अलावा, प्रयागराज हाईकोर्ट आने-जाने वाले वकीलों, व्यापारियों और आम यात्रियों के लिए यह एक्सप्रेसवे समय और लागत दोनों की बचत करेगा। यह परियोजना न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगी।सरकार की योजना के अनुसार, यदि सभी शेष कार्य समय पर पूरे हो जाते हैं, तो अगले महीने गंगा एक्सप्रेसवे का भव्य उद्घाटन किया जा सकता है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है।
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