Plastic Free Chewing Gum देश की पहली प्लास्टिक फ्री च्युइंग गम, ईको-फ्रेंडली और हेल्दी विकल्प खोज निकाला है बेंगलुरु के मयंक नागौरी ने

Khabarwala 24 News New Delhi : Plastic Free Chewing Gum बेंगलुरु के मयंक नागौरी अपने भाई भुवन के साथ मिलकर, गुड-गम नाम का स्टार्टअप चला रहे हैं। इसके ज़रिए वे प्लास्टिक फ्री हेल्दी च्युइंग गम बनाकर पर्यावरण और सेहत दोनों को बचा रहे हैं।अलग-अलग नेचुरल फ्लेवर्स में मौजूद यह Gud-Gum सही मायनों में एक सस्टेनेबल […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

Khabarwala 24 News New Delhi : Plastic Free Chewing Gum बेंगलुरु के मयंक नागौरी अपने भाई भुवन के साथ मिलकर, गुड-गम नाम का स्टार्टअप चला रहे हैं। इसके ज़रिए वे प्लास्टिक फ्री हेल्दी च्युइंग गम बनाकर पर्यावरण और सेहत दोनों को बचा रहे हैं।अलग-अलग नेचुरल फ्लेवर्स में मौजूद यह Gud-Gum सही मायनों में एक सस्टेनेबल स्टार्टअप का बेहतरीन उदाहरण है। वह अपने स्टार्टअप ‘गुड गम’ के ज़रिए देश की पहली प्लास्टिक-फ्री और पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल च्युइंग गम बना रहे हैं। 2022 में लॉन्च होने के बाद से 5 लाख से अधिक गम बेचकर वह अब तक करीब 700 किलो प्लास्टिक गम को लैंडफिल में जाने से बचा चुके हैं।

सोशल साइट Research Gate की रिपोर्ट (Plastic Free Chewing Gum)

क्या आपको पता है, हम प्लास्टिक का बस इस्तेमाल ही नहीं करते बल्कि इसे खा भी रहे हैं। जी हां, हम सभी की पसंदीदा च्युइंग गम पीवीए (पॉलीविनाइल एसीटेट) से बनी होती है जिसका उपयोग टायर और गोंद बनाने में किया जाता है। वहीं, सोशल नेटवर्किंग साइट Research Gate की रिपोर्ट में बताया गया है कि हर साल इससे 105 टन से अधिक प्लास्टिक कचरा लैंडफिल में जाता है। सबसे ज्यादा दिक्कत की बात तो यह है कि इस कचरे को इकट्ठा करना या ट्रैक करना काफी कठिन है। इसी गंभीर समस्या का एक ईको-फ्रेंडली और हेल्दी विकल्प खोज निकाला है बेंगलुरु के मयंक नागौरी ने।

प्लास्टिक गम का खोजा प्राकृतिक विकल्प (Plastic Free Chewing Gum)

बचपन से ही मयंक पर्यावरण के प्रति जागरूक रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में प्लास्टिक का कम से कम उपयोग होता है। ऐसे में जब एक बार उन्हें उनकी स्कूल टीचर से पता चला कि च्युइंग गम में प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है तो उन्होंने इसे खाना ही छोड़ दिया। उन्होंने स्कूल के समय से ही इसका एक ईको-फ्रेंडली विकल्प खोजने का विचार मन में बना लिया था। फ़ूड साइंस के छात्र रहे मयंक पढ़ाई के बाद नौकरी कर रहे थे। साथ ही साथ अपने सपने को पूरा करने का ख्याल भी हमेशा से उनके मन में था।

छोटी सी रिसर्च के साथ काम की शुरुआत (Plastic Free Chewing Gum)

उन्होंने एक छोटी सी रिसर्च के साथ काम की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने बेंगलुरु के कई लोगों से पूछा कि च्युइंग गम किससे बनती है? ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं था कि इसमें प्लास्टिक होता है। इस रिसर्च के बाद उन्होंने च्युइंग गम के ईको-फ्रेंडली विकल्प पर काम जोर-शोर से शुरू किया। आख़िरकार, उन्हें पेड़ से निकलने वाले गम के बारे में पता चला। यह प्लांट बेस गम अमेरिका में बनता है जो पूरी तरह से ईको-फ्रेंडली है। इसी गम के रॉ मैटेरियल को अमेरिका से मंगवाकर, उन्होंने देश की पहली प्लास्टिक फ्री च्युइंग गम बनाई और मार्केट में गुड-गम के नाम से लॉन्च की।

spot_img
Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Breaking News