नई दिल्ली, 22 मार्च (khabarwala24)। इंडियन प्रीमियर लीग दुनिया की सबसे मंहगी लीग है। इस लीग में खिलाड़ियों को जितने पैसे मिलते वो दुनिया के किसी भी अन्य लीग से ज्यादा हैं। आईपीएल में कुछ खिलाड़ी ऐसे भी होते हैं जिनकी फीस अन्य खिलाड़ियों की तुलना में बहुत ज्यादा होती है, लेकिन उनका प्रदर्शन उसके मुताबिक नहीं होता है। पूर्व स्पिनर आर अश्विन ने कहा है कि फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों की सैलरी में कटौती का अधिकार मिलना चाहिए।
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि अगर खिलाड़ी दिए गए रोल को पूरा नहीं कर पाते, तो फ्रेंचाइजियों के पास उनकी सैलरी में कटौती का अधिकार होना चाहिए।
अश्विन ने ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन का उदाहरण दिया। ग्रीन को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) 25.2 करोड़ रुपये में खरीदा है। ग्रीन से उम्मीद है कि वह टीम के लिए बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान देंगे और आंद्रे रसेल की भूमिका निभाएंगे।
ग्रीन ने एशेज और टी20 विश्व कप 2026 में सीमित गेंदबाजी कराई है। ऐसे में इस बात पर संशय है कि वह लीग के दौरान केकेआर के लिए 4 ओवर में फेंक पाएंगे।
अश्विन ने कहा, “अगर कोई खिलाड़ी चार ओवर नहीं डाल पाता, तो फ्रेंचाइजी को पैसे काटने का हक मिलना चाहिए। अगर उस पर कोई प्रतिबंध है, तो उसके कॉन्ट्रैक्ट में यह दिखना चाहिए।”
केकेआर के सह-मालिक शाहरुख खान का उदाहरण देते हुए अश्विन ने कहा कि अगर कोई टीम मालिक करोड़ों खर्च करने के बाद भी खिलाड़ी से पूरा योगदान नहीं पा सके, तो यह निराशाजनक होगा।
उन्होंने कहा, “जब आप नीलामी में किसी खिलाड़ी को खरीदते हैं, तो उम्मीद होती है कि वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों करेगा। अगर गेंदबाजी पर रोक है, तो टीम को सैलरी में कटौती की अनुमति मिलनी चाहिए।”
अश्विन का यह बयान लीग में नई बहस को जन्म दे सकता है। कई ऐसे ऑलराउंडर हैं जो सिर्फ बल्लेबाजी करते हैं, बतौर गेंदबाज उनका योगदान नगण्य रहता है। ऐसे खिलाड़ियों में कैमरन ग्रीन के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के टी20 कप्तान मिशेल मार्श का नाम भी प्रमुख है जो लीग में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) का हिस्सा हैं।
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