ढाका, 3 दिसंबर (khabarwala24)। बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के परिवार से जुड़े भ्रष्टाचार मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जोरों पर है। इनमें अपदस्थ पीएम की बहन की बेटी और ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीक का नाम भी है, जिन्हें हाल ही में अदालत ने दो साल जेल की सजा सुनाई। इस फैसले पर उठ रहे सवालों के बीच बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) ने सफाई दी है। एसीसी का मानना है कि ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ सबूत मजबूत और पुख्ता हैं।
ढाका की एक कोर्ट ने सोमवार (1 दिसंबर) को पुर्बांचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट के तहत प्लॉट वितरण में गड़बड़ी को दोषी मानते हुए अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना, उनकी बहन रेहाना और रेहाना की बेटी ट्यूलिप सिद्दीक को सजा सुनाई।
इस मामले में शेख हसीना को पांच, शेख रेहाना को सात, जबकि ट्यूलिप सिद्दीक को दो साल की सजा सुनाई गई।
आरोपियों की गैरमौजूदगी में तीनों को गुनहगार ठहराया गया। इस फैसले से न्यायिक निष्पक्षता को लेकर दुनिया भर में कई सवाल खड़े कर दिए, जिसके बाद एसीसी को अपना पक्ष रखने के लिए मजबूर होना पड़ा।
एसीसी की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, “केस के रिकॉर्ड से ऐसा लगता है कि हर मामले में मिस सिद्दीक की मौसी (अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना), उनकी मां शेख रेहाना और उनके भाई-बहनों और चचेरे भाइयों के नाम पर जमीन के प्लॉट के बंटवारे से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। एक लंबित केस में, यह भी लगता है कि सिद्दीक को खुद उनकी मौसी के सरकार के मुखिया रहने के दौरान एक प्लॉट दिया गया था।”
इसमें आगे दावा किया गया कि अभियोजन पक्ष ने 32 गवाहों से पूछताछ की, जिनमें से कई ने सिद्दीक के खिलाफ गवाही दी, जिससे पता चलता है कि “वह प्लॉट हासिल करने की गैर-कानूनी प्रक्रिया में शामिल थी।”
ढाका कोर्ट के फैसले के बाद, ट्यूलिप ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की आलोचना की और उन पर न्यायिक अपराध का आरोप लगाया।
ब्रिटिश सांसद ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक इंटरव्यू वीडियो क्लिप पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा, “डेढ़ साल से मेरे खिलाफ गलत इल्जाम लगाने के बावजूद, बांग्लादेशी अधिकारियों से मेरा अभी तक कोई संपर्क नहीं हुआ है। मैंने जिम्मेदार बनने की कोशिश की है। मैंने यहां यूके में वकीलों को हायर किया जिन्होंने बार-बार बांग्लादेशी अधिकारियों को मेरे पक्ष के बारे में बताया और कुछ सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। फिर मैंने बांग्लादेश में ही एक वकील को हायर करने की कोशिश की, जो यह पता लगाने गया कि कोर्ट में क्या हो रहा है। उन्होंने उसे डराया-धमकाया, और वह पीछे हट गया।”
उन्होंने कहा कि यूनुस को “खुद पर शर्म आनी चाहिए” क्योंकि वह “न्यायिक अपराध” को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “वह जो कर रहे हैं, वह निजी तौर पर बदला लेने सरीखा है, मेरे मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, और ब्रिटेन में लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए संसद सदस्य को बांग्लादेश की गंदी सियासत में घसीटने की कोशिश कर रहे हैं।”
Source : IANS
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