Khabarwala24 Hapur News: किसान नेता दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव को पुलिस हिरासत में कथित तौर पर थर्ड डिग्री यातनाएं देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस बर्बरता के विरोध में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (रजि. 1908) ने हापुड़ कलेक्ट्रेट पर जोरदार धरना-प्रदर्शन करते हुए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की।
कलेक्ट्रेट में गूंजी इंसाफ की आवाज (Hapur News)
सोमवार को हापुड़ कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस धरने की अध्यक्षता ओमप्रकाश त्यागी ने की। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र गुर्जर, प्रदेश महामंत्री पवन हूण गुर्जर और जिला अध्यक्ष जितेंद्र नागर ने संयुक्त रूप से किया।
महासभा के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आरोप लगाया कि सामाजिक व किसान नेता दिग्विजय सिंह भाटी और उनके साथी मोहित जाटव के साथ पुलिस अभिरक्षा के दौरान अमानवीय व्यवहार किया गया है।
‘पुलिसिया बर्बरता लोकतंत्र के लिए घातक’ (Hapur News)
धरने को संबोधित करते हुए महासभा के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि खाकी के साए में किसी भी नागरिक के साथ मारपीट या उत्पीड़न कानून का घोर उल्लंघन है। यदि जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
संगठन ने मुख्य रूप से चार प्रमुख मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं:
- उच्चस्तरीय जांच और निलंबन: पूरे घटनाक्रम की किसी निष्पक्ष अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित या लाइन हाजिर किया जाए।
- स्वतंत्र मेडिकल जांच: दोनों पीड़ित नेताओं का किसी स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड से स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और उस रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल किया जाए।
- सीसीटीवी फुटेज का संरक्षण: पुलिस कस्टडी और पूछताछ कक्ष की सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए ताकि उनसे कोई छेड़छाड़ न हो सके।
- पारदर्शी कार्रवाई: किसी निर्दोष को फंसाने या दोषी को बचाने के बजाय केवल कानून का राज कायम किया जाए।

प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी (Hapur News)
प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र गुर्जर और महामंत्री पवन हूण गुर्जर ने स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय गुर्जर महासभा देश के संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में पूरा विश्वास रखती है। हमारा मकसद किसी अपराधी को बचाना नहीं, बल्कि पीड़ित नेताओं को न्याय दिलाना है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज नहीं गिरी और पारदर्शी जांच शुरू नहीं हुई, तो महासभा सड़कों पर उतरकर व्यापक शांतिपूर्ण आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
32 गांवों के प्रबुद्धजन और समाज के प्रतिनिधि रहे मौजूद (Hapur News)
इस विरोध प्रदर्शन में हापुड़ और आसपास के क्षेत्र के लगभग 32 गांवों से आए गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।
मौके पर राजबीर भाटी, नीरज गुर्जर, महिपाल आर्य, ओमवीर नागर, राजबल गुर्जर, जयकरण बंसल, कोशिनदर गुर्जर, सलेक चन्द कसाना, विजय प्रधान, कटार सिंह, बिजेनदर कसाना, तेजेंद्र शर्मा, रूपराम, ब्रह्मसिंह, बबली, एसवीर मावी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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