नई दिल्ली, 30 जनवरी (khabarwala24)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की स्पेशल टास्क फोर्स ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े एक बड़े बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के पूर्व डायरेक्टर पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पीएमएलए-2002 के तहत की गई है।
ईडी के अनुसार, यह मामला आरकॉम और उसकी ग्रुप एंटिटीज द्वारा 40,000 करोड़ रुपए से अधिक के कथित बैंक फ्रॉड और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से संबंधित है। यह जांच 21 अगस्त 2025 को दर्ज सीबीआई की एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।
ईडी की जांच में सामने आया है कि पुनीत गर्ग ने आरकॉम में 2001 से 2025 के बीच विभिन्न वरिष्ठ प्रबंधन और निदेशक पदों पर रहते हुए बैंक फ्रॉड से अर्जित अपराध की आय (पीओएस) को खरीदने, अपने कब्जे में रखने, छिपाने, लेयरिंग करने और खर्च करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
पुनीत गर्ग ने वर्ष 2006 से 2013 तक आरकॉम में प्रेसिडेंट के तौर पर कार्य किया और कंपनी के ग्लोबल एंटरप्राइज बिजनेस को संभाला। इसके बाद वे 2014 से 2017 तक प्रेसिडेंट (रेगुलेटरी अफेयर्स) रहे। अक्टूबर 2017 में उन्हें आरकॉम का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया और अप्रैल 2019 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
जांच एजेंसी के मुताबिक, अपराध से अर्जित धन को आरकॉम की कई विदेशी सहायक कंपनियों और ऑफशोर एंटिटीज के माध्यम से डायवर्ट किया गया। ईडी ने विशेष रूप से यह खुलासा किया है कि इस अवैध धन का इस्तेमाल अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मैनहट्टन इलाके में एक लग्जरी कॉन्डोमिनियम अपार्टमेंट खरीदने के लिए किया गया था। यह संपत्ति आरकॉम के कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (सीआईआरपी) के दौरान पुनीत गर्ग द्वारा कथित तौर पर धोखाधड़ी से बेच दी गई थी।
ईडी के अनुसार, इस संपत्ति की लगभग 8.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर में हुई बिक्री से प्राप्त राशि को अमेरिका से एक फर्जी निवेश व्यवस्था की आड़ में ट्रांसफर किया गया था। यह व्यवस्था कथित तौर पर पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा नियंत्रित की जा रही थी।
हैरानी की बात यह है कि यह पूरा लेनदेन रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की जानकारी या अनुमति के बिना किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि बैंक लोन के रूप में लिए गए सार्वजनिक धन, जो कि अपराध की आय का हिस्सा था, का उपयोग पुनीत गर्ग ने अपने निजी खर्चों के लिए किया, जिसमें उनके बच्चों की विदेश में पढ़ाई से जुड़े भुगतान भी शामिल हैं।
गिरफ्तारी के बाद पुनीत गर्ग को स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए), राउज़ एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली में पेश किया गया। अदालत ने ईडी को आगे की जांच के लिए 9 दिनों की कस्टडी रिमांड दी है। ईडी का कहना है कि इस अवधि के दौरान अपराध से जुड़ी शेष राशि का पता लगाया जाएगा, अन्य लाभार्थियों की पहचान की जाएगी और मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क व रास्ते को उजागर किया जाएगा।
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