नवरात्रि विशेष: शेर से बैल तक, भगवती के 9 रूपों के 9 अलग-अलग वाहन

नई दिल्ली, 19 मार्च (khabarwala24)। चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ दिव्य रूपों (नवदुर्गा) की पूजा की जाती है। हर रूप अलग शक्ति, गुण और महत्व रखता है। इन नौ रूपों के वाहन भी अलग-अलग हैं, जो उनकी शक्ति, स्वभाव और प्रतीक को दर्शाते हैं।शेर मां का सबसे प्रसिद्ध वाहन है, लेकिन बैल भी […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

नई दिल्ली, 19 मार्च (khabarwala24)। चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ दिव्य रूपों (नवदुर्गा) की पूजा की जाती है। हर रूप अलग शक्ति, गुण और महत्व रखता है। इन नौ रूपों के वाहन भी अलग-अलग हैं, जो उनकी शक्ति, स्वभाव और प्रतीक को दर्शाते हैं।

शेर मां का सबसे प्रसिद्ध वाहन है, लेकिन बैल भी दो रूपों में उनकी सवारी है। गधा और कमल जैसे वाहन भी इनकी विशेषता बताते हैं। चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में पूजित इन नौ देवियों और उनके वाहनों की महिमा का उल्लेख धर्म शास्त्रों में मिलता है।

ये वाहन मां की विविध शक्तियों को बताते हैं। सिंह वीरता, बैल धैर्य, बाघ चपलता, गधा अंधकार नाश और कमल शुद्धता का प्रतीक है। नवरात्रि में इन रूपों की पूजा से भक्तों को शक्ति, ज्ञान, साहस और सिद्धि मिलती है। दुर्गा सप्तशती में इन वाहनों का वर्णन युद्ध और रक्षा से जुड़ा है।

मां शैलपुत्री की पूजा पहले दिन किया जाता है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री। यह रूप स्थिरता और शक्ति का प्रतीक है। माता का वाहन नंदी बैल है, जो शक्ति, धैर्य और मजबूती का प्रतीक है। मां त्रिशूल और कमल धारण करती हैं। वहीं मां ब्रह्मचारिणी तपस्या और ज्ञान की देवी हैं, जिनकी पूजा दूसरे दिन की जाती है। यह रूप संयम और ब्रह्मविद्या का प्रतीक है। माता का वाहन सिंह है।

मां चंद्रघंटा की पूजा तीसरे दिन की जाती है। योद्धा रूप, जो शत्रुओं का नाश करती हैं। माता का वाहन बाघ है।

मां कुष्मांडा को ब्रह्मांड की रचयिता, सूर्य को ऊर्जा देने वाली कहा जाता है। माता की पूजा चौथे दिन की जाती है। माता का वाहन सिंह है, जो उनकी सर्वशक्तिमानता और तेज का प्रतीक है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता के पूजन का विधान है। कार्तिकेय की मां, मातृत्व और करुणा की देवी का वाहन सिंह है, सिंह उनकी रक्षक शक्ति को दिखाता है।

मां कात्यायनी की पूजा छठे दिन करने का विधान है। महिषासुर का मर्दन करने वाली शक्ति का वाहन बाघ है। नौ देवियों में मां कालरात्रि सबसे उग्र रूप, अंधकार और नकारात्मकता का नाश करने वाली है, माता का वाहन गधा है। गधा बुराई के अंत और अज्ञान के नाश का प्रतीक है। मां ने रक्तबीज जैसे राक्षसों का संहार किया।

शुद्धता और शांति की देवी मां महागौरी की पूजा आठवे दिन की जाती है। माता का वाहन नंदी बैल है। बैल उनकी कोमलता के साथ शक्ति के संतुलन को दर्शाता है। वहीं, मां सिद्धिदात्री सभी सिद्धियां देने वाली। इनका वाहन कमल है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Breaking News