Ramayana Interesting Facts महाबली हनुमान से भी ज्यादा था बलशाली, राम भी नही कर पाए थे वध, जानें कौन था रामायण का वो योद्धा

Khabarwala 24 News New Delhi : Ramayana Interesting Facts हिंदू धर्म में सबसे प्रसिद्ध और पवित्र कथा रामायण है। आज हम आपको रामायण के एक ऐसे अद्भुत पात्र के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका नाम आप हजारों सालों से सुनते आ रहे हैं। वैसे रामायण में इतने प्रकार के पात्रों को दर्शाया गया […]

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Khabarwala 24 News New Delhi : Ramayana Interesting Facts हिंदू धर्म में सबसे प्रसिद्ध और पवित्र कथा रामायण है। आज हम आपको रामायण के एक ऐसे अद्भुत पात्र के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका नाम आप हजारों सालों से सुनते आ रहे हैं। वैसे रामायण में इतने प्रकार के पात्रों को दर्शाया गया है कि आज भी उन्हें समझ पाना बहुत मुश्किल है। रामायण के समय में लंका में एक राक्षस था जो रावण और कुंभकर्ण से भी ज्यादा खतरनाक था। वह राक्षस कोई और नहीं बल्कि रावण का बड़ा बेटा मेघनाद था, जिसे इंद्रजीत के नाम से जाना जाता है। आज हम इंद्रजीत के जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें जानेंगे…

हनुमान से भी ज्यादा शक्तिशाली (Ramayana Interesting Facts)

मेघनाद को हनुमान जी से भी ज्यादा शक्तिशाली योद्धा माना जाता है। अगस्त्य मुनि ने भगवान राम को बताया था कि रावण का बेटा मेघनाद लंका का शक्तिशाली राक्षस है। मेघनाद ने जादुई हथियारों से भगवान राम की पूरी सेना को हिलाकर रख दिया था। मेघनाद को वरदान देते समय ब्रह्मा ने कहा था कि उसे केवल वही योद्धा मार सकता है जो 14 साल से सोया न हो। लक्ष्मण  14 साल तक सोए नहीं थे। आखिरकार, लक्ष्मण ने मेघनाद का वध कर दिया।

रावण के सबसे बड़े पुत्र मेघनाथ (Ramayana Interesting Facts)

युद्ध के मैदान में सबके पसीने छुड़ा देने वाले महान योद्धा मेघनाथ लंकापति रावण के सबसे बड़े पुत्र थे और रावण की पहली पत्नी मंदोदरी ने मेघनाथ को जन्म दिया था। उन्होंने अपने बेटे का नाम मेघनाथ क्यों रखा इसके पीछे एक कहानी है। शास्त्रों के अनुसार जब मेघनाथ का जन्म हुआ तो उसके रोने की आवाज सामान्य बच्चे की तरह नहीं बल्कि बादल के गरजने जैसी थी, जिसके कारण बच्चे का नाम मेघनाथ रखा गया।

ब्रह्मा का वरदान कैसे मिला था? (Ramayana Interesting Facts)

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार लंका के राजा रावण ने स्वर्ग पर अपना आधिपत्य स्थापित करने के लिए देवताओं पर आक्रमण किया था। इस युद्ध में मेघनाथ ने भी हिस्सा लिया था। जब इंद्र ने लंका के राजा पर आक्रमण की कोशिश की तो मेघनाथ अपने पिता को बचाने के लिए आगे आया। मेघनाथ ने एक ही क्षण में इंद्र और इंद्र के वाहन ऐरावत पर आक्रमण कर दिया और सभी देवताओं के साथ इंद्र को परास्त कर दिया। बाद में इंद्रजीत के नाम से संबोधित किया जाने लगा।

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

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