वाहनों के वीआईपी नंबर के लिए क्रेज हो रहा कम

खबरWALA 24 न्यूज हापुड़: वाहनों के लिए वीआइपी नंबर लेने वालों की जिले में संख्या कम होती जा रही है। अब से कुछ साल पहले तक नंबर के जरिए लोग स्वयं को भी वीआइपी बनाने की कोशिश करते थे, इसके लिए जमकर मारामारी और सिफारिशों का सिलसिला चलता था। लेकिन सरकार ने जब से वीअाइपी […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

खबरWALA 24 न्यूज हापुड़: वाहनों के लिए वीआइपी नंबर लेने वालों की जिले में संख्या कम होती जा रही है। अब से कुछ साल पहले तक नंबर के जरिए लोग स्वयं को भी वीआइपी बनाने की कोशिश करते थे, इसके लिए जमकर मारामारी और सिफारिशों का सिलसिला चलता था। लेकिन सरकार ने जब से वीअाइपी नंबर लेने की प्रक्रिया को आनलाइन किया है। साथ ही नंबर के लिए कीमत को बढ़ाया है। तभी से ही इस ओर लोगों का रुझान कम हो गया है।

बीते दो सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो हापुड़ जिले में वीआइपी नंबर की बुकिंग 20 से 30 प्रतिशत तक ही रह गई है। जबकि, आनलाइन प्रक्रिया से पहले 90 प्रतिशत तक लोग वीअाइपी नंबर लेने का हर संभव प्रयास करते थे। गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और मेरठ के मुकाबले हापुड़ इस मामले में बेहद पीछे है। गाजियाबाद में बीते दो साल में 2689 वीआइपी नंबर की बुकिंग के बाद बिक्री हुई है। जबकि, हापुड़ में यह संख्या 523 ही है। वीआइपी नंबर लेने के लिए गूगल पर परिवहन सेवा डालकर फैंसी नंबर में जाकर बुकिंग की जा सकती है।

कौन कौन से हैं वीआइपी नंबर

0001-0009, 1111-2222-3333-4444-5555-6666-7777-8888-9999, 0786 इन सभी नंबरों की कीमत चार पहिया वाहन के लिए एक लाख रुपये है। जबकि, दोपहिया वाहन के लिए 20 हजार रुपये है। जिन नंबरों के आखिर में 00 आता है। चार पहिया वाहन के लिए उनकी कीमत 25000 और दो पहिया के लिए 5000 होती है। इसके अलावा 1212, 1313 जैसे डबल नंबर की कीमत चार पहिया वाहन के लिए 15000 और दो पहिया के लिए तीन हजार होती है।

नंबरों के लिए लगती है बोली

जब भी कोई नई नंबरों की सीरीज शुरू होती है तो शुरूआती 15 दिनों में लोग आनलाइन बुकिंग कर बोली लगा सकते हैं। इसके बाद फिक्स चार्ज में ही नंबर उपलब्ध होता है।

क्या कहते हैं अधिकारी

वीआइपी नंबर के लिए भी आनलाइन बुकिंग करनी होती है। वीआइपी नंबरों की जितनी ज्यादा खरीद होगी, विभाग को राजस्व भी उतना अधिक मिलेगा। अब सभी प्रकार के नंबर वाहन स्वामी को आनलाइन ही मिलते हैं। – अजीत कुमार श्रीवास्तव, एआरटीओ प्रशासन

spot_img
Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Breaking News