नशे के खिलाफ संयुक्त साझेदारी बनाए रखेंगे सीआरसीएल-डीईए

नई दिल्ली, 20 मार्च (khabarwala24)। अमेरिका के ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) और भारत की केंद्रीय राजस्व नियंत्रण प्रयोगशाला (सीआरसीएल) के विशेषज्ञों ने 16 से 20 मार्च को नई दिल्ली में आयोजित 2026 सीआरसीएल-डीईए फॉरेंसिक केमिस्ट कार्यशाला में संयुक्त रूप से काम किया। इस सहयोग ने अवैध नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने और फॉरेंसिक विज्ञान […]

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नई दिल्ली, 20 मार्च (khabarwala24)। अमेरिका के ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) और भारत की केंद्रीय राजस्व नियंत्रण प्रयोगशाला (सीआरसीएल) के विशेषज्ञों ने 16 से 20 मार्च को नई दिल्ली में आयोजित 2026 सीआरसीएल-डीईए फॉरेंसिक केमिस्ट कार्यशाला में संयुक्त रूप से काम किया। इस सहयोग ने अवैध नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने और फॉरेंसिक विज्ञान को आगे बढ़ाने में अमेरिका व भारत के बीच गहरी साझेदारी को रेखांकित किया।

नशीली दवाओं के खिलाफ कार्य समूह के तहत अपने दूसरे वर्ष में आयोजित इस कार्यशाला ने डीईए और सीआरसीएल के रसायनशास्त्रियों को नए अवैध पदार्थों की पहचान करने और मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को बाधित करने के लिए उन्नत फॉरेंसिक उपकरणों, जांच तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का मंच दिया। प्रतिभागियों ने प्रयोगशाला प्रणालियों, गुप्त प्रयोगशालाओं के लिए क्षेत्र तकनीकों और अज्ञात पदार्थों के विश्लेषण के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही, वैश्विक मादक पदार्थों के परिदृश्य में हाल के रुझानों और उभरते खतरों की समीक्षा की।

16 मार्च को उद्घाटन सत्र में बोलते हुए अमेरिकी उप मिशन प्रमुख जेसन मीक्स ने कहा था कि इस तरह के कार्यक्रम केवल पेशेवर आदान-प्रदान से कहीं अधिक हैं। ये विश्वास, सहयोग और जटिल वैश्विक चुनौतियों से निपटने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। अवैध मादक पदार्थों का निर्माण और तस्करी तेजी से विकसित हो रही है और वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं नए पदार्थों की पहचान करने, उभरते खतरों को समझने और जांचकर्ताओं और नीति निर्माताओं को विश्वसनीय डेटा देने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

डीआरईए और सीआरसीएल की साझेदारी तकनीकी उत्कृष्टता और द्विपक्षीय सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस कार्यशाला के माध्यम से, दोनों एजेंसियों ने संस्थागत सहयोग को मजबूत किया, तकनीकी विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को सुगम बनाया और सिंथेटिक ड्रग्स और नए रासायनिक यौगिकों से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों को बढ़ाया, जिससे कि हमारे दोनों देशों के लोगों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का निर्माण किया जा सके।

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