मुंबई, 13 मार्च (khabarwala24)। ईरान और अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच मुंबई के दहिसर पूर्व के रहने वाले कैप्टन वीरेंद्र विश्वकर्मा एक एलपीजी टैंकर के साथ फंसे हुए हैं। कैप्टन की पत्नी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते वैश्विक हालात पर चिंता जताई और भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई।
कैप्टन विश्वकर्मा 2 मार्च से संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह में मीना सकर बंदरगाह के पास फंसे हैं, जहां होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण 200 से अधिक जहाज अटके हुए हैं। कैप्टन की पत्नी निल्पा विश्वकर्मा मुंबई में बेहद परेशान हैं।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया, “मेरे पति का जहाज फारस की खाड़ी में अटका हुआ है, उनके साथ 33 क्रू मेंबर भी हैं। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से 2 मार्च से वे वहां फंसे हैं। ड्रोन और मिसाइल उनके जहाज के ऊपर उड़ रहे हैं। मैं बहुत डरी हुई हूं और लगातार प्रार्थना कर रही हूं कि वे सुरक्षित घर लौट आएं।”
निल्पा ने सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द सभी भारतीय नाविकों और जहाजों को सुरक्षित वतन वापस लाया जाए।
निल्पा ने आगे कहा, “कंपनी उन्हें सपोर्ट कर रही है और 2 महीने का खाना उपलब्ध कराया है। लेकिन जब तक स्ट्रेट नहीं खुलेगा, कोई निकल नहीं पाएगा। वहां 200-250 जहाज अटके हैं। जब तक मुद्दा सुलझ नहीं जाता, तब तक डर का माहौल बना हुआ है। मेरी सरकार से विनती है कि जल्द से जल्द सभी को सुरक्षित वापस लाया जाए।”
कैप्टन विश्वकर्मा का जहाज कतर से एलपीजी लोड करके भारत आ रहा था, लेकिन संघर्ष बढ़ने के बाद उसे आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
क्षेत्र में अमेरिका-इजरायल की ईरान पर हमलों के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप है, जिससे वैश्विक शिपिंग प्रभावित हुई है। भारत सरकार स्थिति पर नजर रख रही है।
सूत्रों के अनुसार, ईरान ने भारतीय झंडे वाले टैंकरों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है और कुछ जहाज पहले ही गुजर चुके हैं। भारत ने ईरान के साथ राजनयिक बातचीत की है ताकि भारतीय जहाजों और नाविकों को सुरक्षित निकाला जा सके।
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