सीट ब्लॉकिंग स्कैम: ईडी ने बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट की 19.46 करोड़ की संपत्तियां अटैच की

बेंगलुरु, 24 जनवरी (khabarwala24)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टियों की तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है।अटैच की गई संपत्तियों में एक प्लॉट और दो फ्लैट शामिल हैं, जिनकी कुल बाजार […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

बेंगलुरु, 24 जनवरी (khabarwala24)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टियों की तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है।

अटैच की गई संपत्तियों में एक प्लॉट और दो फ्लैट शामिल हैं, जिनकी कुल बाजार कीमत लगभग 19.46 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई 21 जनवरी को की गई।

ईडी ने यह जांच मल्लेश्वरम पुलिस स्टेशन और हनुमंतनगर पुलिस स्टेशन, बेंगलुरु में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। मामला कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरिटी के जरिए इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के दौरान सीट ब्लॉकिंग स्कैम और तय फीस से अधिक नगद राशि वसूलने से जुड़ा है। आरोप है कि एडमिशन प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर अवैध लेन-देन किया गया।

जांच के तहत ईडी ने 26 मई और 25 जून 2025 को कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान सामने आया कि बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट के नियंत्रण वाले इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के दौरान निर्धारित फीस से कहीं अधिक बिना हिसाब का कैश वसूला जा रहा था। जांच में यह भी पता चला कि कॉलेज प्रबंधन ने इंजीनियरिंग सीटों को बिचौलियों और एजेंटों के माध्यम से बेचा और छात्रों से सीधे तथा एजुकेशनल कंसल्टेंट के रूप में काम करने वाले एजेंटों के जरिए कैश एकत्र किया।

ईडी के अनुसार, इस तरह से इकट्ठा किया गया नगद पैसा बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट की खाताबही में दर्ज नहीं किया गया था। तलाशी के दौरान ट्रस्ट के ट्रस्टी, प्रबंधन और संबंधित एजेंटों के ठिकानों से 1.86 करोड़ रुपए की नकदी जब्त की गई। इसके अलावा, ट्रस्ट के नियंत्रण वाले इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटों की बिक्री से लगभग 20.20 करोड़ रुपए के बिना हिसाब के नगद लेन-देन से जुड़े अहम सबूत भी बरामद किए गए हैं।

जब्त किए गए सबूतों में डायरी में किए गए नोट्स, व्हाट्सऐप चैट और अन्य दस्तावेज शामिल हैं, जिनकी पुष्टि इस मामले में शामिल कॉलेज स्टाफ, प्रबंधन कर्मियों और एजेंटों द्वारा की गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि इंजीनियरिंग सीटों की अवैध बिक्री से प्राप्त बिना हिसाब के नगद धन का इस्तेमाल बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने अपने निजी लाभ के लिए किया। ईडी ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Breaking News