Hapur में 8वीं की मान्यता, इंटर की पढ़ाई! हापुड़ के डमी स्कूलों का बेनकाब होगा काला खेल, जिला प्रशासन करेगा कार्रवाई

Khabarwala 24 News Hapur: Hapur उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में शिक्षा के नाम पर चल रहा फर्जीवाड़ा अब जिला प्रशासन की जांच में सामने आया है। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दर्जनों स्कूल, जिन्हें केवल कक्षा 8 तक की मान्यता प्राप्त थी, अवैध रूप से इंटरमीडिएट (कक्षा 9 से 12) तक की […]

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Khabarwala 24 News Hapur: Hapur उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में शिक्षा के नाम पर चल रहा फर्जीवाड़ा अब जिला प्रशासन की जांच में सामने आया है। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दर्जनों स्कूल, जिन्हें केवल कक्षा 8 तक की मान्यता प्राप्त थी, अवैध रूप से इंटरमीडिएट (कक्षा 9 से 12) तक की कक्षाएं संचालित कर रहे थे। ये स्कूल बच्चों का नामांकन किसी अन्य मान्यता प्राप्त स्कूल में दिखाकर फर्जी रिजल्ट बनवाते थे। जिला प्रशासन ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है, जिसमें मुकदमा दर्ज करना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना शामिल है।

‘डमी स्कूल’ का खेल कैसे चल रहा था? (Hapur)

जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने पाया कि ये तथाकथित “नॉन-स्कूलिंग” या “डमी स्कूल” छात्रों का पंजीकरण मान्यता प्राप्त स्कूलों में दिखाते थे, लेकिन पढ़ाई अपने गैर-कानूनी संस्थानों में करवाते थे। इस तरह सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। जांच में सामने आया कि:

  • कई स्कूलों के पास केवल प्राइमरी या जूनियर (कक्षा 8 तक) की मान्यता थी, फिर भी वे 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं चला रहे थे।
  • छात्रों का नामांकन और रिजल्ट किसी अन्य स्कूल के नाम पर करवाया जाता था, जिससे बच्चों को फर्जी मार्कशीट दी जाती थी।
  • इन स्कूलों में न तो प्रशिक्षित शिक्षक थे और न ही उचित शैक्षिक सुविधाएं, जिससे बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी।

बच्चों के भविष्य पर खतरा (Hapur)

शिक्षा विशेषज्ञों ने इस फर्जीवाड़े को बच्चों के भविष्य के लिए खतरनाक बताया है। बिना मान्यता वाले स्कूलों में पढ़ाई करने से:

  • बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और करियर मार्गदर्शन नहीं मिल पाता।
  • फर्जी सर्टिफिकेट या मार्कशीट के कारण कॉलेज एडमिशन और नौकरी में समस्याएं आ सकती हैं।
  • डिग्री की वैधता पर सवाल उठने से भविष्य में कानूनी पचड़े हो सकते हैं।

अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे स्कूलों पर तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे। सोशल मीडिया, खासकर एक्स पर, इस खुलासे ने हलचल मचा दी है, जहां लोग शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सख्ती की मांग कर रहे हैं।

क्या कहते हैं डीएम अभिषेक

प्रशासन की सख्ती: कार्रवाई शुरू (Hapur)

जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने स्पष्ट किया कि जांच में अवैध स्कूलों की सूची तैयार कर ली गई है। जल्द ही इनके खिलाफ अभियान चलाकर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऐसे स्कूल संचालकों पर कठोर कार्रवाई होगी।” जिला प्रशासन ने शिक्षा विभाग और पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त कार्ययोजना बनाई है, जिसके तहत इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने और संचालकों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है।

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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