Khabarwala24 Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की पांचवीं पुण्यतिथि पर समाजवादी पार्टी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली सपा के लिए पीडीए (PDA) का ‘P’ पहले ‘पिछड़ा’ था, फिर ‘पंडित’ हो गया और देखना एक दिन ये लोग इसे ‘पाकिस्तान’ कर देंगे।
‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम में गरजे सीएम योगी
लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में पद्म विभूषण स्वर्गीय कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि के मौके पर भव्य ‘हिंदू गौरव दिवस’ का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वर्गीय बाबूजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
अपने संबोधन में सीएम योगी ने कल्याण सिंह के संघर्षों, राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी ऐतिहासिक भूमिका और सनातन धर्म के प्रति उनके अटूट समर्पण को नमन किया। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व की राजनीतिक शैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
‘सपा की बातों पर भरोसा नहीं, ये जिस पेड़ पर बैठते हैं उसे ही सुखा देते हैं’
सपा के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनकी बयानबाजी का कोई ठिकाना नहीं है। ये लोग कब क्या बोल जाएं, इस पर विश्वास नहीं किया जा सकता। सीएम योगी ने सपा नेताओं की तुलना ऐसे पक्षियों से की जो जिस पेड़ पर बैठते हैं, उसी को सुखा देते हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीति में न्यूनतम शिष्टाचार और संस्कार होना आवश्यक है। जब बाबूजी का निधन हुआ था, तो बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने व्यक्तिगत रूप से आकर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। लेकिन समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने न तो प्रत्यक्ष रूप से आकर बाबूजी को नमन किया और न ही सोशल मीडिया या मीडिया के माध्यम से दो शब्द कहे। यह हर उस नागरिक और सनातन धर्मी का अपमान है जो बाबूजी के योगदान का सम्मान करता है।
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‘कल्याण सिंह टूट सकते हैं, लेकिन झुक नहीं सकते’
राम जन्मभूमि आंदोलन में स्वर्गीय कल्याण सिंह के अभूतपूर्व योगदान को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बाबूजी कभी भी दबाव की राजनीति के आगे नहीं झुके। उनका स्पष्ट मानना था— “कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1992 के दौरान जब राम मंदिर आंदोलन चरम पर था, तब बाबूजी ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी को दरकिनार करते हुए स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें सत्ता गंवाना मंजूर है, लेकिन प्रभु श्रीराम का अपमान और रामभक्तों पर गोलियां चलाना कतई स्वीकार्य नहीं है। आज जब अयोध्या में भव्य और दिव्य राम मंदिर में रामलला विराजमान हो चुके हैं, तो देश को बाबूजी के उस महान त्याग और निर्णय की याद सहसा आ जाती है।
सपा पर महापुरुषों का नाम मिटाने और अपमान करने का आरोप
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल पर महापुरुषों की विरासत को नीचा दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा नेतृत्व का यह रवैया कोई नया नहीं है। जब भी उन्हें अवसर मिला, उन्होंने राष्ट्रनिर्माताओं और महापुरुषों के नाम मिटाने का प्रयास किया।
सीएम योगी ने उदाहरण देते हुए बताया कि कन्नौज में डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने राजकीय मेडिकल कॉलेज से सपा सरकार के दौरान बाबा साहेब का नाम हटा दिया गया था, जिसे भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही पुनः बहाल किया। इसी तरह मैनपुरी में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर स्वीकृत संस्थान का नाम भी सपा शासनकाल में मिटाया गया था, जिसके बाद भाजपा सरकार ने औरैया में नए मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखकर उन्हें सम्मान दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी काम छोड़कर दी थी श्रद्धांजलि
कल्याण सिंह के प्रति भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सम्मान का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बाबूजी का कद राजनीति में बहुत ऊंचा था। जब उनका निधन हुआ, तब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सारे व्यस्त कार्यक्रम स्थगित करके सीधे दिल्ली से लखनऊ पहुंचे थे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
एसजीपीजीआई अस्पताल से लेकर अंतिम संस्कार स्थल नरौरा (अलीगढ़) तक केंद्र और राज्य सरकार के सभी वरिष्ठ मंत्री और नेता अंतिम यात्रा में शामिल हुए थे। इसके विपरीत, सपा प्रमुख का इस पूरे प्रकरण से दूरी बनाए रखना उनकी संकीर्ण मानसिकता को उजागर करता है।
उत्तर प्रदेश को दी नई पहचान, युवाओं के लिए बने प्रेरणा
सीएम योगी ने कहा कि अतरौली के एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला से निकलकर शिक्षक, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और राज्यपाल तक के पदों को पूरी निष्ठा से संभाला। उन्होंने उत्तर प्रदेश में युवाओं के सामने खड़े पहचान के संकट को दूर किया और राज्य को विकास की नई दिशा दी।
वर्तमान डबल इंजन सरकार बाबूजी की स्मृतियों को सहेजने के लिए निरंतर काम कर रही है। लखनऊ के कैंसर संस्थान में बाबूजी की प्रतिमा और बुलंदशहर के नए राजकीय मेडिकल कॉलेज का नामकरण स्वर्गीय कल्याण सिंह के नाम पर किया जाना इसी सम्मान का प्रतीक है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे ये दिग्गज नेता
इकाना स्टेडियम में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद साक्षी महाराज, राज्यसभा सांसद बृजलाल, मंत्री असीम अरुण, मंत्री राकेश सचान, मंत्री जेपीएस राठौर, मंत्री डॉ. संजय निषाद, मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना, मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, मंत्री धर्मवीर प्रजापति, मंत्री रजनी तिवारी, विधायक राजेश्वर सिंह, विधायक योगेश शुक्ला, भाजपा उपाध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह के साथ-साथ स्वर्गीय बाबूजी के पुत्र व पूर्व सांसद राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ और पौत्र व कैबिनेट मंत्री संदीप सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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