Khabarwala24 UP News: उत्तर प्रदेश के सरकारी महकमों में पारदर्शी व्यवस्था के तहत 1 लाख नए आउटसोर्स कर्मचारियों की सीधी तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में कार्यरत 2.75 लाख से अधिक मौजूदा आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में 8,000 से 15,000 रुपये तक की बड़ी बढ़ोतरी करने का प्रशासनिक खाका तैयार कर लिया गया है।
30 अगस्त से क्रियाशील होगा ‘यूपीकास’, सीधे टेंडर और वेंडर व्यवस्था पर रोक (UP News)
प्रदेश के शासकीय विभागों में बिचौलियों और निजी एजेंसियों की मनमानी समाप्त करने के लिए नवगठित उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPKAS) आगामी 30 अगस्त से अपना काम शुरू करने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस राज्य स्तरीय निगम का भव्य उद्घाटन करेंगे।
निगम की स्थापना के बाद अब कोई भी सरकारी विभाग सीधे अपने स्तर पर आउटसोर्सिंग एजेंसियों का चयन या सीधी नियुक्तियां नहीं कर सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सभी विभागों को अपनी आवश्यकता के अनुरूप रिक्त पदों की संख्या, अपेक्षित मैनपावर और प्रस्तावित वेतन संरचना का पूरा ब्यौरा निगम को भेजना होगा। इसके उपरांत यूपीकास की निगरानी में GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया से एजेंसियों को सूचीबद्ध किया जाएगा।
लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से चयन; लागू होगा 60% आरक्षण (UP News)
भर्ती प्रक्रिया में धांधली रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश तय किए गए हैं:
- चयन मापदंड: अभ्यर्थियों का चयन निष्पक्ष लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के प्राप्तांकों के आधार पर किया जाएगा।
- आरक्षण नीति: सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए नई नियुक्तियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27%, अनुसूचित जाति (SC) को 21%, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10% तथा अनुसूचित जनजाति (ST) को 2% आरक्षण दिया जाएगा।
- सेवा सुरक्षा: विभागों में पहले से सेवाएं दे रहे 2.75 लाख कर्मचारियों को टेंडर की शर्तों के अनुरूप यथावत बनाए रखा जाएगा और उन्हें नौकरी से नहीं हटाया जाएगा।
वेंडर्स की मनमानी, कमीशनखोरी और अवैध कटौती पर लगेगी लगाम (UP News)
निगम के क्रियाशील होने से आउटसोर्सिंग क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही गंभीर शिकायतों पर पूर्ण विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है। कर्मचारियों द्वारा वेंडर्स के खिलाफ लगातार निम्नलिखित अनियमितताओं की शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं:
- एडवांस कमीशन की वसूली: वेंडर्स द्वारा नियुक्ति पत्र देने के एवज में अभ्यर्थियों से 1 से 2 महीने का अग्रिम वेतन ऐंठना।
- वेतन में अवैध कटौती: कर्मचारियों के खाते में मानदेय भेजने के बाद 10% से 20% तक की राशि नकद रूप में वापस ले लेना।
- बिना नोटिस बेदखली: अधिकारियों और निजी एजेंसियों की मिलीभगत से योग्य कर्मियों को बिना कारण या नोटिस दिए सेवा से मुक्त कर देना।
- पारदर्शिता का अभाव: योग्य युवाओं को दरकिनार कर चहेतों को मनमाने तरीके से बैकडोर एंट्री देना और गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई के बजाय केवल ट्रांसफर कर देना।
निगम संचालन के लिए 20 करोड़ का ब्याज मुक्त फंड, बजट में 426 करोड़ का इजाफा (UP News)
उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के राज्य बजट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस व्यवस्था की घोषणा की थी। तत्पश्चात सितंबर में गठित उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की कमान वरिष्ठ आईएस अधिकारी (IAS) अमृता सोनी को प्रबंध निदेशक के रूप में सौंपी गई थी।
सचिवालय प्रशासन विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया गया है और गोमती नगर स्थित पिकप भवन में इसका आधुनिक मुख्यालय तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार ने निगम के सुचारू संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये का शून्य ब्याज दर (Interest-free) फंड स्वीकृत किया है। इसके अतिरिक्त, आउटसोर्स कर्मचारियों के बढ़े हुए वेतन भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए कुल 2,223.84 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है, जिसमें 426 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इजाफा शामिल है।
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