रोलर स्पीड स्केटिंग: एक तेज और रोमांचक खेल, जिसने यूथ ओलंपिक में भी बनाई पहचान

नई दिल्ली, 6 जनवरी (khabarwala24)। ‘रोलर स्पीड स्केटिंग’ ने एक तेज और रोमांचक खेल के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जिसमें एथलीट्स रोलर स्केट्स पहनकर ट्रैक या सड़क पर तेज गति से दौड़ लगाते हैं। इस दौरान कुछ एथलीट्स 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को भी छू लेते हैं। संतुलन, सहनशक्ति, तकनीक और […]

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नई दिल्ली, 6 जनवरी (khabarwala24)। ‘रोलर स्पीड स्केटिंग’ ने एक तेज और रोमांचक खेल के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जिसमें एथलीट्स रोलर स्केट्स पहनकर ट्रैक या सड़क पर तेज गति से दौड़ लगाते हैं। इस दौरान कुछ एथलीट्स 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को भी छू लेते हैं। संतुलन, सहनशक्ति, तकनीक और रणनीति के इस खेल ने यूथ ओलंपिक में भी अपनी चमक बिखेरी है।

1760 के दशक में जॉन जोसेफ मर्लिन ने पहला रोलर स्केट्स बनाया। धातु के पहियों के बावजूद यह अधिक टिकाऊ नहीं था। करीब 100 साल बाद जेम्स प्लिम्प्टन ने चार पहियों वाला एक डिजाइन बनाया, जिससे स्केटिंग को नियंत्रित करना आसान था। धीरे-धीरे इस खेल ने यूरोप और अमेरिका में लोकप्रियता हासिल कर ली। 1880 के दशक में अमेरिका में रोलर रिंक खुलने शुरू हुए, जिसमें एथलीट्स रोलर स्केट्स पहनकर स्केटिंग करते।

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साल 1937 में पहली आधिकारिक रोलर स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन इटली में हुआ। अगले साल लंदन में ट्रैक रोलर स्पीड स्केटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप आयोजित हुई। 1950-1970 के बीच स्केट्स में सुधार किया गया। अब इसमें पहियों के लिए प्लास्टिक और अखरोट के छिलके जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल शुरू हुआ, जिससे पकड़ और चिकनाई में सुधार हुआ।

1980 के दशक में स्कॉट और ब्रनन ओल्सन ने आइस हॉकी स्केट्स से प्रेरित होकर रोलरब्लेड इनलाइन स्केट्स विकसित किए।

1990 में इनलाइन स्केटिंग की लोकप्रियता में इजाफा हुआ। इसमें आक्रामक स्केटिंग और स्पीड स्केटिंग भी शामिल हुए और रिंक हॉकी ओलंपिक में एक प्रदर्शनी खेल बना।

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पहली बार रोलर स्पीड स्केटिंग 2014 ग्रीष्मकालीन यूथ ओलंपिक गेम्स में प्रदर्शनी खेल के रूप में शामिल किया गया। इसके बाद 2018 ग्रीष्मकालीन यूथ ओलंपिक गेम्स में इस खेल ने मेडल इवेंट के तौर पर डेब्यू किया, जिसमें 500 मीटर स्प्रिंट, 1,000 मीटर स्प्रिंट और 5,000 मीटर एलिमिनेशन इवेंट शामिल थे।

आमतौर पर रोलर स्पीड स्केटिंग का आयोजन आउटडोर होता है, लेकिन कभी-कभार इनडोर या बंद सड़क सर्किट पर भी इसे आयोजित किया जाता है। एथलीट के स्केट्स पर पहिए का व्यास 110 मिमी से अधिक के पहिए नहीं हो सकते। हालांकि, मैराथन के लिए इसका व्यास 125 मिमी तक हो सकता है।

ओलंपिक में इस खेल में 14 एथलीट कुल संयुक्त स्कोर के लिए अंक अर्जित करने हेतु तीन जरूरी इवेंट (500 मीटर, 1000 मीटर और 5000 मीटर एलिमिनेशन) में प्रतिस्पर्धा करते हैं। प्रत्येक रेस के लिए विजेता को 14 प्वाइंट्स दिए जाते हैं। विजेता का फैसला कुल अंकों के आधार पर किया जाता है।

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