स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने एलजी को लिखा पत्र, महिला शिक्षकों संग भेदभाव का मुद्दा उठाया

नई दिल्ली, 29 जनवरी (khabarwala24)। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर शिक्षा निदेशालय में महिला शिक्षकों के साथ हो रहे लिंग आधारित भेदभाव की ओर ध्यान दिलाया है। पत्र के साथ उदिता सोसायटी फॉर वेलफेयर ऑफ टीचर्स की अध्यक्ष नीति भरारा ओबेरॉय के 26 जनवरी 2025 […]

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

नई दिल्ली, 29 जनवरी (khabarwala24)। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर शिक्षा निदेशालय में महिला शिक्षकों के साथ हो रहे लिंग आधारित भेदभाव की ओर ध्यान दिलाया है। पत्र के साथ उदिता सोसायटी फॉर वेलफेयर ऑफ टीचर्स की अध्यक्ष नीति भरारा ओबेरॉय के 26 जनवरी 2025 के अभ्यावेदन को संलग्न किया गया है।

स्पीकर ने बताया कि शिक्षा निदेशालय में शिक्षकों की वरिष्ठता सूची पुरुष और महिला के आधार पर अलग-अलग बनाई जाती है। इससे महिला शिक्षकों को पदोन्नति में वर्षों इंतजार करना पड़ता है, जबकि उनके पुरुष समकक्षों को तेजी से प्रमोशन मिल जाता है। यह भेदभाव पीजीटी, उप-प्रधानाचार्य और प्रधानाचार्य जैसे पदों पर स्पष्ट दिखता है। मामला वर्तमान में दिल्ली उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

पत्र में कहा गया है कि शिक्षा निदेशालय के वकील ने 1 मई 2025 को अदालत में बताया था कि दो वरिष्ठता सूचियों का विलय विभाग के विचाराधीन है। उपराज्यपाल के कार्यालय ने भी विभाग को सरकारी स्थायी वकील और सभी हितधारकों से परामर्श कर मामले की फिर से जांच करने और लिंग आधारित वरिष्ठता सूचियों को विलय करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद विभाग मौजूदा अलग-अलग सूचियों के आधार पर पीजीटी को उप-प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति का प्रस्ताव आगे बढ़ा रहा है, जिससे महिला शिक्षकों को उनके उचित अवसर से वंचित किया जा रहा है।

विजेंद्र गुप्ता ने उपराज्यपाल से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें। उन्होंने मांग की है कि शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि लिंग आधारित भेदभाव तुरंत खत्म किया जाए और अलग-अलग वरिष्ठता सूचियों के आधार पर कोई भी पदोन्नति न की जाए, जब तक दोनों सूचियों का उचित विलय नहीं हो जाता।

स्पीकर ने कहा कि महिला शिक्षकों को न्याय मिलना चाहिए और विभाग की कार्रवाई से उनके हक पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने उपराज्यपाल से जल्द से जल्द आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है, ताकि इस भेदभाव को रोका जा सके और शिक्षकों में विश्वास बना रहे।

Previous articleभारत ने चुनावी सहायता के तहत नेपाल को सौंपे 250 से अधिक वाहन

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related News

Breaking News