न्यू यॉर्क, 6 जनवरी (khabarwala24)। वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो, जिन्हें अमेरिका ने पकड़कर नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद के आरोपों में मुकदमे के लिए न्यूयॉर्क लाया है, ने एक अमेरिकी संघीय न्यायाधीश के सामने कहा कि वह निर्दोष हैं और खुद को “युद्ध बंदी” मानते हैं।
सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें पहली बार अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान उन्होंने एक ट्रांसलेटर के जरिए कहा, “मैं एक किडनैप किया गया राष्ट्रपति हूं। मैं एक युद्ध बंदी हूं।”
अमेरिका की डेल्टा फोर्स के जवानों ने शनिवार सुबह एक सटीक सैन्य अभियान में वेनेजुएला के एक सैन्य अड्डे से मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया और हवाई जहाज से न्यूयॉर्क ले आए।
अदालत में हुई यह सुनवाई औपचारिक थी। इस दौरान मादुरो और उनकी पत्नी दोनों ने 25 पन्नों की चार्जशीट में लगाए गए सभी आरोपों को गलत बताया और खुद को निर्दोष बताया।
मादुरो ने कहा, “मैं निर्दोष हूं। मैंने कोई अपराध नहीं किया है। मैं एक सभ्य व्यक्ति हूं और आज भी अपने देश का राष्ट्रपति हूं।”
सिलिया फ्लोरेस ने भी अदालत से कहा, “मैं वेनेजुएला गणराज्य की प्रथम महिला हूं।”
जब मादुरो ने अपने अपहरण की बात शुरू की, तो न्यायाधीश एल्विन हेलरस्टीन ने उन्हें रोकते हुए कहा कि उन्हें अदालत के सामने सिर्फ अपनी पहचान बतानी है।
मादुरो के वकील बैरी पोलॉक ने अदालत में कहा कि वह यह सवाल उठा सकते हैं कि किसी देश के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी कानूनी है या नहीं, क्योंकि उन्हें संप्रभु सुरक्षा (इम्युनिटी) मिलनी चाहिए, और यह भी कि उनका सैन्य तरीके से पकड़ा जाना कितना वैध है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि मादुरो को लाने की कार्रवाई कानून लागू करने की प्रक्रिया थी, न कि कोई युद्ध।
मादुरो और फ्लोरेस को एक संघीय हिरासत केंद्र में रखा गया है, जिसकी हालत को लेकर खुद जज भी आलोचना कर चुके हैं। कभी सख्त शासन करने वाले मादुरो अब आम कैदी की तरह दिख रहे थे। उन्होंने साधारण कपड़े पहन रखे थे और उनके साथ सुरक्षाकर्मी थे।
अदालत कक्ष में प्रवेश करते समय, अमेरिकी मार्शलों से घिरे मादुरो ने सभी को स्पेनिश में “ब्यूनस डियास”, यानी “शुभ दिन” कहा।
सिलिया फ्लोरेस के माथे पर पट्टी बंधी हुई थी। उनके वकील मार्क डॉनेली ने बताया कि अमेरिकी बलों द्वारा पकड़े जाने के समय उन्हें चोट लगी थी और उनकी कुछ पसलियां टूट सकती हैं।
मादुरो और फ्लोरेस पर पर मुख्य आरोपों में नार्को-टेररिज्म की साजिश शामिल है, जिसमें कथित तौर पर वेनेजुएला की सेना और खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल करके कोकीन की खेप को अमेरिका में तस्करी करने का आरोप है। इसी कारण उन पर नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद की साजिश का आरोप लगाया गया है।
इन आरोपों को मजबूत करने के लिए, उन पर मशीनगन और खतरनाक हथियार रखने के भी आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा, उन पर कोलंबिया के आतंकवादी संगठनों से सहयोग करने का भी आरोप है। मादुरो पर लगे कुछ आरोप ऐसे हैं, जिनमें दोषी साबित होने पर मौत की सजा तक हो सकती है।
नशीले पदार्थों की कमाई को इधर-उधर करने के आरोप में मादुरो पर धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) का मामला भी दर्ज किया गया है। सिलिया फ्लोरेस पर नशा तस्कर गिरोहों से जुड़ी रिश्वत लेने के आरोप भी लगाए गए हैं।
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