Khabarwala 24 News New Delhi: Namo Bharat दिल्ली-मेरठ के बीच यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने वाली बहुप्रतीक्षित नमो भारत दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरीडोर का अंतिम चरण जल्द ही आम यात्रियों के लिए खुलने जा रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने बताया कि 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरीडोर का बाकी 27 किलोमीटर का हिस्सा 17 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उद्घाटन के बाद चालू हो जाएगा। फिलहाल, दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक 55 किलोमीटर का हिस्सा संचालित हो रहा है, जिसमें 11 स्टेशन शामिल हैं। जून 2025 में पूरे कॉरीडोर का सफल ट्रायल 160 किमी/घंटा की स्पीड से किया गया था, जो अब उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार है।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत (Namo Bharat)
इस कॉरीडोर के पूरी तरह खुलने के बाद दिल्ली से मेरठ तक की दूरी महज 58 मिनट में तय हो जाएगी, जो पहले कई घंटों की यात्रा थी। NCRTC के अनुसार, सराय काले खान से मोदीपुरम तक का सफर अब 1 घंटे से कम समय लेगा। यह परियोजना न केवल यात्रा समय को कम करेगी, बल्कि एनसीआर क्षेत्र में लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से भी राहत देगी। शलभ गोयल ने कहा कि वर्तमान में इस कॉरीडोर से प्रतिमाह करीब 60 हजार यात्री यात्रा कर रहे हैं, और पूर्ण संचालन के बाद यह संख्या बढ़कर लाखों पहुंच जाएगी। इससे सड़कों पर रोजाना 1 लाख से अधिक कारें कम होंगी, जिससे प्रदूषण और जाम दोनों में कमी आएगी।

परियोजना की विशेषताएं और लाभ (Namo Bharat)
- लंबाई और स्पीड: कुल 82 किमी लंबा कॉरीडोर, जिसमें 68 किमी ऊंचा (इलिवेटेड), 13 किमी भूमिगत और 3 किमी ग्राउंड लेवल पर है। ट्रेनें अधिकतम 160 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी, और शुरुआती फ्रीक्वेंसी हर 15 मिनट में होगी, जो बाद में 10 मिनट तक कम हो जाएगी।
- स्टेशन: 16 नमो भारत स्टेशन, जिसमें सराय काले खान, न्यू अशोक नगर, दुहाई, मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम प्रमुख हैं। मेरठ में मेट्रो के साथ इंटीग्रेशन भी होगा।
- लागत और निर्माण: कुल खर्च 30,000 करोड़ रुपये। यह मेक इन इंडिया पहल का हिस्सा है, जहां ट्रेनें गुजरात के सावली में अल्स्टॉम प्लांट में बनी हैं। जर्मनी की डोयचे बाहन (DB RRTS ऑपरेशंस इंडिया) द्वारा 12 वर्षों के लिए संचालन और मेंटेनेंस का जिम्मा लिया गया है।
- फायदे: दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ते हुए आर्थिक विकास को बढ़ावा। दैनिक 8 लाख यात्रियों की क्षमता, CCTV, वाई-फाई, इमरजेंसी सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं। न्यूनतम किराया 20 रुपये (स्टैंडर्ड कोच), न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक 150 रुपये।
भविष्य की योजनाएं: एनसीआर में 8 कॉरीडोर (Namo Bharat)
इस कॉरीडोर के सफल संचालन के बाद एनसीआर में कुल 8 नमो भारत आरआरटीएस कॉरीडोर विकसित किए जाएंगे। इनमें दिल्ली-अलवर (106 किमी, गुरुग्राम होते हुए), दिल्ली-पानीपत (इस साल स्वीकृति की उम्मीद), दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी प्रमुख हैं। सभी कॉरीडोर सराय काले खान स्टेशन पर कन्वर्ज होंगे, जिससे इंटरऑपरेबिलिटी सुनिश्चित होगी। शलभ गोयल ने बताया कि ये कॉरीडोर आसपास के शहरों को जोड़कर ट्रैफिक को कम करेंगे और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देंगे।
यह परियोजना एनसीआर के सतत विकास का प्रतीक है, जो सड़क परिवहन पर निर्भरता घटाकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगी। 17 सितंबर का उद्घाटन दिल्ली-एनसीआर के लिए एक बड़ा तोहफा होगा।
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