Khabarwala 24 News Hapur: Railway News लंबे इंतजार के बाद आखिरकार गाजियाबाद से सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। 14926 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस 403 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन से उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों को कई बड़े फायदे मिलने वाले हैं। ट्रेनों की स्पीड बढ़ने, सफर के समय में बचत, बेहतर कनेक्टिविटी और नए रेलवे स्टेशन के साथ ही हापुड़ को रेलवे बाईपास की भी सौगात मिलेगी।रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह पूरा प्रोजेक्ट करीब चार साल में पूरा हो जाएगा।
ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, समय पर पहुंचेंगी गाड़ियां (Railway News)
वर्तमान में गाजियाबाद-सीतापुर रूट पर कई जगह सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों पर बहुत दबाव रहता है। सिग्नल न मिलने पर ट्रेनों को आउटर पर घंटों रोका जाता है, खासकर गर्मी के मौसम में यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
नई तीसरी और चौथी लाइन बनने से इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। मौजूदा लाइन की क्षमता 168 प्रतिशत तक उपयोग हो रही है, जो काफी ज्यादा है। नई लाइन के बाद क्षमता का दबाव कम होगा और नई ट्रेनों को भी आसानी से चलाया जा सकेगा।
ट्रेनों की औसत स्पीड 110 किमी/घंटा से बढ़कर 130 किमी/घंटा तक हो सकेगी। इससे यात्री अपने गंतव्य पर समय पर पहुंच सकेंगे और सफर ज्यादा आरामदायक और तेज होगा।
हापुड़ स्टेशन पर 50 से ज्यादा ट्रेनों का ठहराव (Railway News)
हापुड़ रेलवे स्टेशन शहर और आसपास के इलाकों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यहां से रोजाना करीब 5000 यात्री मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, प्रयागराज और दिल्ली की ओर यात्रा करते हैं।
वर्तमान में स्टेशन पर प्रतिदिन 50 से अधिक पैसेंजर, एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और स्पेशल ट्रेनों का ठहराव होता है। नई लाइन बनने के बाद पिछली ट्रेनें समय पर चलेंगी, जिससे आगे की ट्रेनें भी बिना देरी के अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगी। इससे हापुड़ के यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम से और बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार (Railway News)
रेलवे ट्रेन संचालन को और बेहतर बनाने के लिए पूरे रूट पर सिग्नल सिस्टम को ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम में बदला जा रहा है।
हर 10 किलोमीटर पर ऑटोमेटिक ब्लॉक हट का निर्माण तेजी से चल रहा है। हापुड़-गाजियाबाद खंड में श्यामनगर फाटक, निजामपुर, जिंदल नगर, आध्यात्मिक नगर और महरौली के बीच यह काम चल रहा है।
ऑटोमेटिक सिग्नल शुरू होने के बाद ट्रेनों को सिग्नल के इंतजार में रुकना नहीं पड़ेगा। स्टेशन यार्ड से ट्रेन निकलते ही आगे ग्रीन सिग्नल मिल जाएगा। इससे एक ही रूट पर ट्रेनें एक के पीछे एक बिना रुके तेज गति से चल सकेंगी।
हापुड़ में बनेगा नया रेलवे स्टेशन और रेलवे बाईपास (Railway News)
केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर, शाहजहांपुर, बरेली और सीतापुर में कुल छह नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे।
हापुड़ में नया स्टेशन कहां बनेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जिंदलनगर या प्रीत विहार क्षेत्र में इसे बनाने की संभावना जताई जा रही है। रेलवे मुख्यालय से अभी इसकी विस्तृत जानकारी नहीं आई है।
इस परियोजना को डिजाइन करते समय मुख्य स्टेशनों (हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर आदि) को बाईपास करने का प्रावधान रखा गया है ताकि ट्रेनों का निर्बाध परिवहन सुनिश्चित हो सके। इसी योजना के तहत बाईपास वाले खंडों पर ये नए स्टेशन बनाए जाएंगे।
यात्रियों को मिलने वाले प्रमुख लाभ (Railway News)
- ट्रेनों की स्पीड बढ़ने से यात्रा का समय कम होगा
- भीड़भाड़ वाली लाइनों पर दबाव घटेगा
- नई ट्रेनें चलाने की गुंजाइश बढ़ेगी
- नए स्टेशन से आसपास के इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी
- रेलवे बाईपास से मुख्य शहरों में ट्रेनों की भीड़ कम होगी
- ऑटोमेटिक सिग्नल से कम देरी और ज्यादा सुरक्षा
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हापुड़ समेत पूरे रूट के यात्रियों के लिए यह एक बड़ी सौगात साबित होगी।
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