Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News हिन्दी भाषा के सम्मान, संवर्धन और प्रचार-प्रसार को समर्पित एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में साहित्य, शिक्षा और समाज सेवा से जुड़ी प्रमुख हस्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान हिन्दी भाषा के ऐतिहासिक महत्व, इसके संरक्षण और दैनिक जीवन में इसके व्यापक प्रयोग को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशिष्ट साहित्यकारों व शिक्षाविदों का नागरिक अभिनंदन (Hapur News)
समारोह के दौरान समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को मंच पर सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार डॉ. अनिल बाजपेई, श्रीमती कमला गर्ल्स स्कूल की प्रधानाचार्या पारुल शर्मा तथा शिवा प्राथमिक पाठशाला की प्रधानाचार्या डॉ. सुमन अग्रवाल को सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। आयोजकों ने सभी अतिथियों को पटका पहनाकर, स्मृति-चिह्न एवं सम्मान पत्र भेंट कर उनका भावपूर्ण नागरिक अभिनंदन किया।
संस्कृति और जड़ों से जोड़ती है हिन्दी (Hapur News)
डॉ. आराधना बाजपेई कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन डॉ. आराधना बाजपेई ने किया, जबकि आयोजन के संयोजन की कमान स्वाति मित्तल और उषा अग्रवाल ने संभाली। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. आराधना बाजपेई ने अपने संबोधन में कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम या एक साधारण भाषा भर नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध संस्कृति, संस्कारों और मानवीय संवेदनाओं की आत्मीय अभिव्यक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिन्दी का सम्मान करना वास्तव में अपनी जड़ों और अपनी सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने जैसा है।

दैनिक व्यवहार में बढ़ाएं हिन्दी का प्रयोग (Hapur News)
समारोह के दौरान संस्था की सचिव नीरू मित्तल एवं कोषाध्यक्ष अर्चना कंसल ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि हिन्दी को जन-जन की भाषा बनाने के लिए हमें अपने दैनिक बोलचाल, पत्राचार और आधिकारिक कामकाज में इसके प्रयोग को निरंतर बढ़ाना होगा। जब तक हम स्वयं अपने दैनिक जीवन में हिन्दी अपनाने का संकल्प नहीं लेंगे, तब तक इसका वास्तविक विस्तार संभव नहीं है।
वक्ताओं ने दिया हिन्दी के प्रति दायित्व निभाने का संदेश (Hapur News)
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रख्यात कवि एवं साहित्यकार डॉ. अनिल बाजपेई ने कहा कि हिन्दी की सबसे बड़ी ताकत उसकी आत्मीयता और सर्व-स्वीकार्यता है। यह भाषा सीधे मन से निकलकर सुनने वाले के हृदय तक पहुंचती है। उन्होंने कहा कि हिन्दी दिवस केवल वर्ष में एक दिन हिन्दी को याद करने की औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह पूरे वर्ष हिन्दी के प्रति अपने दायित्वों को निष्ठापूर्वक निभाने का संकल्प लेने का पर्व है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सुमन अग्रवाल ने बच्चों को शुरुआती दौर में ही अपनी मातृभाषा से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि बचपन से ही विद्यार्थियों में हिन्दी के प्रति प्रेम और गौरव का भाव विकसित किया जाना चाहिए। वहीं, पारुल शर्मा ने कहा कि हिन्दी हमारी भावनाओं की सहज भाषा है। विद्यार्थियों को हिन्दी बोलने, लिखने और पढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करके ही हम अपनी समृद्ध भाषायी विरासत को सुरक्षित रख सकते हैं।
समारोह में गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति (Hapur News)
इस अवसर पर शहर की अनेक प्रमुख हस्तियां और साहित्यप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रेखा सिंह, उर्मिला शर्मा, संतोष शर्मा, रजनी बंसल, संतोष सिंघल, राजकुमारी मित्तल, बीना जिंदल, सिमरन गोयल, आशा भटनागर, संध्या कंसल, सीमा गोयल, सुषमा खन्ना, किरण गोस्वामी, सोनिया एवं अधिवक्ता ज्योति सहित कई अन्य प्रबुद्ध महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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