Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के तत्वावधान में जनपद हापुड़ में शनिवार को विशाल राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह प्रथम के कुशल निर्देशन और अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत में न्याय की चौखट पर पहुंचे 2,89,956 (दो लाख नवासी हजार नौ सौ छप्पन) लंबित व प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 5,10,72,596 रुपये (पांच करोड़ दस लाख बहत्तर हजार पांच सौ छियानवे रुपये) का ऐतिहासिक सेटलमेंट किया गया।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ भव्य शुभारंभ (Hapur News)
राष्ट्रीय लोक अदालत का औपचारिक उद्घाटन जनपद न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह प्रथम द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर तथा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पार्चन व माल्यार्पण करके किया गया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश अजय कुमार सिंह प्रथम ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत त्वरित और सुलभ न्याय पाने का सबसे सशक्त माध्यम है। लोक अदालत में निस्तारित होने वाले वादों में किसी पक्षकार की हार या जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षकारों की जीत होती है। इसमें समय और धन दोनों की बचत होती है तथा वर्षों पुराना आपसी मनमुटाव हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए जनपद के सभी न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अफसरों, बैंक प्रबंधकों, अधिवक्ताओं और वादकारियों का सहृदय आभार व्यक्त किया।
पारिवारिक न्यायालय में मुस्कुराते हुए विदा हुए 6 जोड़े, 12 मामलों में मिला भरण-पोषण (Hapur News)
राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक विवादों के निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पीयूष पांडेय ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कुल 42 पारिवारिक वादों का निस्तारण कराया।
सबसे सुखद स्थिति तब देखने को मिली जब न्यायालय के प्रयासों से बिछुड़े हुए 6 दंपतियों ने अपने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर पुनः एक साथ रहने का निर्णय लिया। इन 6 जोड़ों को न्यायालय कक्ष से ही प्रसन्नतापूर्वक और सुखमय जीवन व्यतीत करने का आशीर्वाद देकर विदा किया गया। इसके अलावा, कुल 12 मामलों में पीड़ित पक्ष व वादीगण को संपूर्ण भरण-पोषण की धनराशि मौके पर ही दिलाए जाने की व्यवस्था की गई।

एमएसीटी और विशेष अदालतों ने किया करोड़ों का सेटलमेंट (Hapur News)
सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों में पीड़ितों को राहत दिलाते हुए पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) गुरप्रीत सिंह बावा ने 26 मुकदमों का निस्तारण किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के पक्ष में 2,09,35,000 रुपये की भारी-भरकम मुआवजा राशि का सेटलमेंट कराया।
इसके साथ ही जनपद न्यायाधीश अजय कुमार सिंह प्रथम द्वारा स्वयं 1 वाद का निस्तारण किया गया। अपर जिला जज प्रथम हनी गोयल ने 2 वादों का निस्तारण करते हुए 1,000 रुपये का अर्थदंड वसूला। अपर जिला जज विशेष पोक्सो अधिनियम ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने 4 मामलों का निस्तारण कर 12,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अपर जिला जज विशेष (एससी/एसटी) अधिनियम यज्ञेश चंद्र पांडेय ने 7 मुकदमों को निस्तारित कर 2,50,000 रुपये का सेटलमेंट कराया। अपर जिला जज द्वितीय शेष बहादुर निषाद ने 1 वाद का निस्तारण किया। अपर जिला जज पोक्सो द्वितीय अवनीश कुमार राय ने त्वरित न्याय की मिसाल पेश करते हुए 290 वादों का निस्तारण किया। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम मिताली गोविंद राव ने 6 मुकदमों का निस्तारण कर 3,000 रुपये का जुर्माना वसूला।
मजिस्ट्रेट अदालतों में हजारों लघु आपराधिक मुकदमों का हुआ समाधान (Hapur News)
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) सौरभ कुमार वर्मा की अदालत में लघु आपराधिक मामलों की भरमार रही। सीजेएम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 3,354 मामलों का निस्तारण किया और 2,25,030 रुपये का अर्थदंड वसूला।
इसके अतिरिक्त अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी उल्लेखनीय योगदान दिया गया:
- अपर सिविल जज (सी.डि.) प्रथम आदित्य जायसवाल: 61 वादों का निस्तारण कर 3,700 रुपये अर्थदंड वसूल किया।
- सुनील शेखर, सिविल जज (सी.डि.) त्वरित न्यायालय: 160 वादों का समाधान कराया, जिसमें 20,22,876 रुपये का सेटलमेंट और 1,510 रुपये का अर्थदंड शामिल रहा।
- सिविल जज (जू.डि.) प्रथम जागृति प्रथम: 16 वादों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया।
- सिविल जज (जू.डि.) द्वितीय प्रतिभा शुक्ला: 33 वादों का निस्तारण कराया, जिसमें 2,50,000 रुपये का सेटलमेंट तथा 11,800 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
- न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय साधना सिंह: 202 वादों का निस्तारण कर 8,20,000 रुपये का सेटलमेंट कराया और 7,850 रुपये जुर्माना लगाया।
- अपर सिविल जज (जू.डि) प्रथम/न्यायिक मजिस्ट्रेट पिंकी वर्मा: 101 वादों का निस्तारण कर 14,20,270 रुपये का सेटलमेंट एवं 9,000 रुपये का अर्थदंड वसूल किया।
तहसील व ग्रामीण न्यायालयों में भी दिखा लोक अदालत का व्यापक असर (Hapur News)
तहसील स्तर और ग्रामीण न्यायालयों में भी न्याय के लिए पहुंचे लोगों को बड़ी राहत मिली। अपर सिविल जज (जू.डि)/न्यायिक मजिस्ट्रेट गढ़मुक्तेश्वर पंकज कुमार द्वितीय ने 313 मामलों का निपटारा करते हुए 3,340 रुपये का अर्थदंड वसूला। न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय धौलाना दीपक गौतम ने 45 मुकदमों का निपटारा कर 400 रुपये का अर्थदंड प्राप्त किया। सिविल जज (जू.डि.) त्वरित न्यायालय द्वितीय आभा ने 131 वादों का निस्तारण किया, जिसमें 12,20,000 रुपये का सेटलमेंट और 8,700 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। सिविल जज (जू.डि) त्वरित न्यायालय प्रथम शैली सरण ने 141 वादों का निस्तारण कर 70,000 रुपये का सेटलमेंट व 14,050 रुपये का अर्थदंड वसूला।
बैंकों और प्रशासनिक विभागों का योगदान (Hapur News)
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. ब्रह्मपाल सिंह ने विस्तृत आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जनपद के समस्त न्यायालयों द्वारा कुल 5,037 अदालती मुकदमों का निपटारा किया गया, जिनमें 2,84,67,596 रुपये की धनराशि का सेटलमेंट हुआ।
इसके अलावा, विभिन्न बैंकों द्वारा रखे गए प्री-लिटिगेशन के 350 मामलों में से 167 मामलों में आपसी समझौते के तहत 2,26,05,000 रुपये की बकाया धनराशि का सेटलमेंट किया गया, जिसमें 75,24,000 रुपये की नकद राशि मौके पर ही वसूल हुई। वहीं, राजस्व, पुलिस व जिला प्रशासन के सहयोग से विभिन्न विभागों से जुड़े 2,84,752 प्री-लिटिगेशन व राजस्व मामलों का निस्तारण संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर सचिव डॉ. ब्रह्मपाल सिंह ने लोक अदालत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए समस्त न्यायाधीशों, प्रशासनिक, पुलिस, बैंक अधिकारियों, पीएलवी (पैरा लीगल वालंटियर्स), न्यायालय कर्मचारियों, बार एसोसिएशन हापुड़ के अध्यक्ष देवेंद्र नवादा, वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं उपस्थित वादकारियों का आभार जताया।
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