Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News जनपद हापुड़ में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब आम जनजीवन के लिए बड़ी आफत बनती जा रही है। पिलखुवा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक बेहद हृदयविदारक और दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ लगातार हो रही बारिश के कारण एक कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से परिवार के एकमात्र कमाने वाले मजदूर पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका नाबालिग बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
रात के सन्नाटे में चीख-पुकार, मलबे में दबे पिता-पुत्र (Hapur News)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिलखुवा क्षेत्र के रहने वाले अशफाक (उम्र करीब 45 वर्ष) मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। मंगलवार की रात क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। अशफाक अपने 17 वर्षीय छोटे बेटे कासिम के साथ घर के कमरे में सो रहे थे। देर रात अचानक कच्चे मकान की छत भारी बारिश के दबाव को झेल नहीं पाई और तेज आवाज के साथ नीचे आ गिरी। छत गिरते ही घर के भीतर अफरा-तफरी मच गई और दोनों पिता-पुत्र भारी मलबे के नीचे पूरी तरह दब गए। रात के सन्नाटे में मलबे के नीचे से आ रही चीख-पुकार सुनकर आसपास के पड़ोसी और ग्रामीण तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल की ओर दौड़े।
ग्रामीणों ने पेश की इंसानियत की मिसाल, भारी मशक्कत के बाद निकाला बाहर (Hapur News)
हादसे की भयावहता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत अपने स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने टार्च की रोशनी में काफी मशक्कत करते हुए हाथों से मलबे के भारी टुकड़ों और मिट्टी को हटाना शुरू किया। काफी प्रयास के बाद दोनों को बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल अशफाक को बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन मलबे के अत्यधिक दबाव के कारण वे दम तोड़ चुके थे। वहीं, उनका 17 वर्षीय पुत्र कासिम मलबे के नीचे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला, जिसे स्थानीय लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उसका उपचार जारी है।

दो बेटों के सिर से उठा साया, आर्थिक संकट गहराया (Hapur News)
मृतक अशफाक के परिवार में उनके दो बेटे नाजिम (18 वर्ष) और कासिम (17 वर्ष) सहित अन्य परिजन हैं। अशफाक ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जो दिन-रात मजदूरी कर घर का खर्च चलाते थे। उनकी अचानक और दर्दनाक मौत से दोनों बेटों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। इस हादसे ने न सिर्फ परिवार को भावनात्मक रूप से तोड़ दिया है, बल्कि उनके सामने रोटी-रोजगार का गंभीर आर्थिक संकट भी खड़ा कर दिया है। घटना के बाद से मृतक के घर पर सांत्वना देने वालों की भारी भीड़ जमा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जर्जर मकानों का बढ़ा खतरा, मुआवजे की मांग (Hapur News)
स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ देने की पुरज़ोर मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में कई अन्य कच्चे और जर्जर मकान भी बेहद संवेदनशील स्थिति में पहुंच चुके हैं। यदि प्रशासन ने समय रहते इन जर्जर मकानों का सर्वे कराकर सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में ऐसे और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं।
क्या बोले थाना प्रभारी (Hapur News)
पिलखुवा थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल चौहान ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बारिश के कारण कच्चे मकान की छत गिरने और एक व्यक्ति की मृत्यु होने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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