परमाणु साइट्स पर हमलों से वैश्विक चिंता बढ़ी: डब्ल्यूएचओ चीफ बोले, ‘मध्य पूर्व संकट गंभीर’

नई दिल्ली, 22 मार्च (khabarwala24)। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब बेहद संवेदनशील और खतरनाक चरण में पहुंचता दिख रहा है। ईरान के नतांज संवर्धन परिसर और इजरायल के डिमोना स्थित परमाणु केंद्र के आसपास हमले हुए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस […]

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नई दिल्ली, 22 मार्च (khabarwala24)। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब बेहद संवेदनशील और खतरनाक चरण में पहुंचता दिख रहा है। ईरान के नतांज संवर्धन परिसर और इजरायल के डिमोना स्थित परमाणु केंद्र के आसपास हमले हुए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने सभी देशों से संयम बरतने की अपील की है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि मध्य-पूर्व का युद्ध अब एक “खतरनाक मोड़” पर पहुंच गया है, जहां ईरान और इजरायल में परमाणु स्थलों के आस-पास हमले हो रहे हैं; संगठन ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस ने एक्स पर कहा, “परमाणु स्थलों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमले सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए एक बढ़ता हुआ खतरा पैदा करते हैं।”

टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा, “मैं सभी पक्षों से तत्काल अपील करता हूं कि वे सैन्य कार्रवाई में अधिकतम संयम बरतें और ऐसे किसी भी कदम से बचें जिससे कोई परमाणु दुर्घटना भड़क सकती है।”

उनके मुताबिक, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने इन घटनाओं की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी के अनुसार, अब तक किसी भी तरह के असामान्य या बढ़े हुए रेडिएशन स्तर के संकेत नहीं मिले हैं, जो फिलहाल राहत की बात है।

उन्होंने आगे कहा कि परमाणु स्थलों को निशाना बनाना सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बेहद गंभीर खतरा पैदा करता है। ऐसे हमले न केवल तत्काल तबाही ला सकते हैं, बल्कि लंबे समय तक असर डालने वाले रेडिएशन संकट को भी जन्म दे सकते हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सक्रिय तैयारी शुरू कर दी है। युद्ध शुरू होने के बाद से डब्ल्यूएचओ ने 13 देशों में अपने स्टाफ और यूनाइटेड नेशन्स के कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया है, ताकि किसी संभावित परमाणु आपदा की स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके।

टेड्रोस ने इसके साथ ही शांति अपील की। उन्होंने दूसरे पोस्ट में लिखा- युद्ध शांति नहीं लाता। यह तो बस अगली पीढ़ी को नफरत करने के नए कारण सुझाता है, इसलिए शांति चुनें।

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