Khabarwala24 Nepal Flood Alert: नेपाल में बुधवार को आई भयानक जलप्रलय के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि शुक्रवार को तिब्बत की ओर एक और झील टूटने से स्थिति फिर गंभीर हो गई है। नेपाली अधिकारियों ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के तटीय इलाकों में तबाही की दूसरी लहर की आशंका जताते हुए हाई अलर्ट जारी किया है। खतरे को देखते हुए जारी राहत और बचाव कार्यों को तुरंत रोककर निचले इलाकों को खाली कराया जा रहा है।
नेपाल पुलिस और सेना का इमरजेंसी अलर्ट, पहाड़ों की ओर भाग रहे लोग (Nepal Flood Alert)
शुक्रवार को नेपाली पुलिस और सुरक्षा बलों ने लाउडस्पीकर और मोबाइल अलर्ट के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी शुरू कर दी। धडिंग जिले सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस, विशेष बल और सशस्त्र प्रहरी बल (APF) की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है।
अधिकारियों द्वारा त्वरित निकासी के निर्देश मिलने के बाद लोगों में भारी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। स्थानीय नागरिक अपने घरों से जरूरी सामान, राशन और कपड़े लेकर ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों की तरफ भाग रहे हैं। पुलिस टीम बुजुर्गों और मरीजों को स्ट्रेचर पर लादकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रही है। लोगों को उनके मोबाइल पर लगभग 10 मिनट पहले ही चीन की तरफ डैम/झील टूटने की सूचना मिली, जिसके बाद बचाव कार्य तेज कर दिया गया।
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— Nepal Police (@NepalPoliceHQ) August 28, 2026
20 लाख घनमीटर पानी का सैलाब, अगले 2 से 3 घंटे बेहद नाजुक (Nepal Flood Alert)
नेपाली सेना के एक दल ने भोटेकोशी नदी के ऊपरी इलाकों का हवाई और जमीनी जायजा लिया था। सेना के अनुसार, ऊपरी हिस्से में लगभग 20 लाख घनमीटर पानी का भारी जमाव हो चुका है। यदि यह विशाल जलराशि तेजी से नीचे की तरफ आती है, तो नेपाल के निचले इलाकों में पिछली बार से भी ज्यादा तबाही मचा सकती है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस सैलाब को नेपाल के निचले इलाकों तक पहुंचने में लगभग ढाई से तीन घंटे का वक्त लग सकता है। खतरे की गंभीरता को देखते हुए चीन ने भी तिब्बत सीमा पर चल रहे अपने राहत कार्यों को रोक दिया है और रेस्क्यू में लगे कर्मचारियों व वाहनों को 1 किलोमीटर पीछे हटने का आदेश जारी किया है।
बुधवार की तबाही: 469 लोगों की मौत, 1,500 से अधिक अभी भी लापता
उल्लेखनीय है कि बुधवार को नेपाल और तिब्बत सीमा के पास आए मलबे और पानी के तेज बहाव ने भारी तबाही मचाई थी। ताज़ा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में अब तक 469 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1,500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
लापता लोगों में भारत के अलग-अलग राज्यों के 300 से ज्यादा नागरिक शामिल हैं। पूरे देश में आपदा प्रबंधन के लिए 13,295 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को मोर्चे पर तैनात किया गया था, जिन्होंने अब तक 3,253 लोगों को सकुशल बाहर निकाला है। नेपाली सेना के 15 हेलीकॉप्टर लगातार हवाई रेस्क्यू में जुटे थे, लेकिन नए अलर्ट के बाद फिलहाल हवाई अभियानों को रोक दिया गया है।
भारत सरकार रख रही पल-पल की नजर
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वहां के ताजा हालात को लेकर भारत का विदेश मंत्रालय लगातार नेपाल सरकार के संपर्क में है। भारत की ओर से पड़ोसी देश को राहत सामग्री और तकनीकी सहायता भी भेजी जा रही है।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित आपातकालीन नियंत्रण कक्षों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी विकट परिस्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
प्रशासन की आमजन से भावुक अपील
नेपाल प्रशासन ने लोगों से पैनिक न करने लेकिन किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने की अपील की है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने निवासियों से कहा है कि वे खुद सुरक्षित स्थानों पर जाने के साथ-साथ अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी सतर्क करें ताकि समय रहते सभी को सुरक्षित निकाला जा सके।
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