गर्मियों में इन पांच पत्तियों का सेवन शरीर को रखेगा स्वस्थ्य, मिलेगी हर परेशानी से राहत

नई दिल्ली, 22 मार्च (khabarwala24)। हमारे देश में प्राचीन समय से ही जड़ी-बूटियों के जरिए रोगों का उपचार हो रहा है, लेकिन आज के समय में लोग आधुनिक चिकित्सा का रुख कर रहे हैं।आधुनिक चिकित्सा पद्धति के जरिए भी रोगों का इलाज आसानी से किया जा रहा है, लेकिन आयुर्वेद में लिखे उपचार रोगों को […]

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नई दिल्ली, 22 मार्च (khabarwala24)। हमारे देश में प्राचीन समय से ही जड़ी-बूटियों के जरिए रोगों का उपचार हो रहा है, लेकिन आज के समय में लोग आधुनिक चिकित्सा का रुख कर रहे हैं।

आधुनिक चिकित्सा पद्धति के जरिए भी रोगों का इलाज आसानी से किया जा रहा है, लेकिन आयुर्वेद में लिखे उपचार रोगों को जड़ से खत्म करने पर विश्वास रखते हैं। हालांकि आयुर्वेद यह भी बताता है कि खुद को रोगों से दूर कैसे रखना है।

गर्मियों की शुरुआत के साथ ही बीपी, मुंहासे, फोड़े-फुंसी और पाचन की समस्याएं हो जाती हैं और उन परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए हम दवा का सहारा लेते हैं लेकिन आज हम आयुर्वेद में बताए गए 5 ऐसे चमत्कारी पत्तों के बारे में बताएंगे, जिनके सेवन से शरीर को कई बीमारियों से ग्रस्त होने से बचाया जा सकता है।

पहले नंबर पर हैं नीम के पत्ते। नीम के पत्ते प्राकृतिक एंटीबायोटिक होते हैं और इनमें रक्त को शुद्ध करने की भी क्षमता होती है। शुगर, बुखार, फोड़े-फुंसी, मुंहासे और रक्त की अशुद्धि के लिए नीम की पत्तियों का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए नीम की कोमल पत्तियों को चबाएं या फिर जूस भी बना सकते हैं।

दूसरे नंबर पर है सहजन के पत्ते। सहजन के पत्ते स्वाद में कड़वे नहीं होते हैं और आयरन और कैल्शियम से भरपूर होते हैं। शरीर में रक्त की कमी, कमजोरी, मंद पाचन, और ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में सहजन की पत्तियां लाभकारी होती हैं। सहजन के पत्तों का सूप या जूस दोनों बनाकर पिया जा सकता है।

तीसरे नंबर पर हैं शीशम के पत्ते। शीशम के पत्ते महिलाओं में गर्भाशय से जुड़ी परेशानियों में दवा की तरह काम करते हैं। मासिक धर्म का कम या ज्यादा होना और सफेद पानी की समस्या में भी शीशम के पत्ते फायदा देते हैं। इसके लिए पत्तों को मिश्री के साथ पीसकर जूस बना सकते हैं और सुबह खाली पेट पीएं।

चौथे नंबर पर है बरगद के पत्ते। बरगद के पत्तों का सेवन भी शरीर के लिए लाभकारी होता है। त्वचा रोगों के लिए और फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए भी बरगद के पत्तों को उबालकर पिया जा सकता है। पांचवें नंबर पर है पीपल के पत्ते। आयुर्वेद में भी पीपल के पत्तों को औषधि माना गया है। पथरी और सिस्ट की परेशानी में पीपल के पत्तों का रस पीने की सलाह दी जाती है। हालांकि सेवन से पहले चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

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