Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती हुई एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। जिस अस्पताल में मरीजों की जान बचाने के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं अचानक बिजली कट जाने से सीटी स्कैन कक्ष पूरी तरह अंधेरे में डूब गया। इसके बाद अस्पताल कर्मचारियों को मजबूरी में मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर कार्य किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद तेजी से वायरल हो रहा है।
10 मिनट तक छाया रहा अंधेरा, मची अफरा-तफरी (Hapur News)
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, सीएचसी के सीटी स्कैन यूनिट की मुख्य बिजली आपूर्ति करीब 10 मिनट तक पूरी तरह बाधित रही। अचानक सीटी स्कैन कक्ष में गहरा अंधेरा छा जाने से वहाँ मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने बिना समय गंवाए अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट ऑन की और उसी की रोशनी में व्यवस्था संभाली ।
आपातकालीन जनरेटर और बैकअप व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल (Hapur News)
अस्पताल जैसी अति-संवेदनशील जगह पर बिजली आपूर्ति बाधित होने के कुछ ही सेकंड के भीतर ऑटोमैटिक पावर बैकअप या जनरेटर सिस्टम सक्रिय हो जाना चाहिए। लेकिन इस घटना के बाद अस्पताल की आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि यदि बिजली कटने के दौरान कोई बेहद अति-गंभीर मरीज सीटी स्कैन या इमरजेंसी टेबल पर होता, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल के पूरे बैकअप सिस्टम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
24 घंटे निर्बाध बिजली के दावों की खुली पोल (Hapur News)
प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे निर्बाध बिजली और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं। हालांकि, हापुड़ सीएचसी का यह वायरल वीडियो इन दावों की हकीकत बयां कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर ऐसी स्थिति का उत्पन्न होना सीधे तौर पर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से एक मजबूत जनरेटर और इन्वर्टर बैकअप सिस्टम सुनिश्चित करना चाहिए।
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मरीजों और तीमारदारों को झेलनी पड़ी भारी असुविधा (Hapur News)
सीटी स्कैन कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को बिजली गुल रहने के दौरान खासी परेशानी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। हालांकि, स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल की टॉर्च के सहारे जांच की प्रक्रिया को रुकने नहीं दिया। लगभग 10 मिनट बाद जब मुख्य बिजली आपूर्ति बहाल हुई, तब जाकर सीटी स्कैन और अन्य चिकित्सीय जांचें सामान्य रूप से शुरू हो सकीं।
सीएमओ डॉ. किशोर आहूजा का बयान (Hapur News)
पूरे मामले पर हापुड़ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. किशोर आहूजा ने बताया कि अस्पताल में मुख्य बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए तकनीकी कारणों से बाधित हुई थी। हालांकि, 10 मिनट के भीतर ही बिजली व्यवस्था को सुचारू कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि मामले का संज्ञान लिया गया है और यह गहन जांच कराई जा रही है कि बिजली जाने के तुरंत बाद ऑटोमैटिक बैकअप सिस्टम सक्रिय क्यों नहीं हुआ। इसमें जिसकी भी लापरवाही पाई जाएगी, उस पर कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, जांच और कार्रवाई की मांग
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आम जनता में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों ने उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग और उच्च अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर जिम्मेदार कर्मचारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग ने भरोसा दिया है कि पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और जल्द ही सभी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
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