अमेरिकी सांसदों ने बच्चों और लोकतंत्र पर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताई

वॉशिंगटन, 19 मार्च (khabarwala24)। अमेरिका के सांसदों ने पार्टी लाइनों से परे जाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के व्यापक प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि बच्चों, सार्वजनिक विमर्श और सूचना के प्रवाह पर इसका असर मौजूदा कानूनों से कहीं आगे निकल गया है।सेक्शन-230 के 30 साल पूरे होने पर आयोजित सीनेट […]

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वॉशिंगटन, 19 मार्च (khabarwala24)। अमेरिका के सांसदों ने पार्टी लाइनों से परे जाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के व्यापक प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि बच्चों, सार्वजनिक विमर्श और सूचना के प्रवाह पर इसका असर मौजूदा कानूनों से कहीं आगे निकल गया है।

सेक्शन-230 के 30 साल पूरे होने पर आयोजित सीनेट सुनवाई में सीनेटरों ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल इकोसिस्टम अब जनहित में काम नहीं कर रहा है।

नाइट फर्स्ट अमेंडमेंट इंस्टीट्यूट की पॉलिसी डायरेक्टर नादीन फारिद जॉनसन ने विधायकों से कहा, “हम सभी यहां इस बात से सहमत हैं कि डिजिटल सार्वजनिक क्षेत्र न तो अमेरिकियों के लिए और न ही हमारे लोकतंत्र के लिए सही ढंग से काम कर रहा है।” इस बयान ने सुनवाई का माहौल तय किया, जिसमें प्लेटफॉर्म की ताकत की सामाजिक लागत पर विशेष ध्यान दिया गया।

सबसे भावनात्मक गवाही बच्चों को लेकर रही। परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील मैथ्यू बर्गमैन ने सोशल मीडिया के डिज़ाइन विकल्पों से होने वाले “विनाश” का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म “जानबूझकर ऐसे डिज़ाइन फैसले लेते हैं… जो बच्चों को निशाना बनाते हैं ताकि उनकी सुरक्षा से ज्यादा मुनाफा बढ़ाया जा सके।”

सीनेटरों ने भी इन चिंताओं को दोहराया और ऐसे मामलों का उल्लेख किया, जहां नाबालिगों को हानिकारक सामग्री जैसे आत्म-हानि को बढ़ावा देने वाली और शोषण से जुड़ी सामग्री के संपर्क में लाया गया।

बर्गमैन ने कहा, “इन मामलों का अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा से कोई लेनादेना नहीं है। यह कंपनियों के जानबूझकर लिए गए उन फैसलों के बारे में है, जिनमें मुनाफे को बच्चों के जीवन और सुरक्षा से ऊपर रखा गया।”

कई सीनेटरों ने तर्क दिया कि एल्गोरिदमिक टार्गेटिंग, अनंत स्क्रॉल (इन्फिनिट स्क्रॉल) और पुश नोटिफिकेशन जैसी लत लगाने वाली सुविधाएं खासकर युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए तैयार की गई हैं।

साथ ही, सीनेटरों ने चेतावनी दी कि गलत जानकारी (मिसइन्फॉर्मेशन) और ध्रुवीकरण ने अमेरिका में राजनीतिक विमर्श को बदल दिया है।

सीनेटर टेड क्रूज़ ने टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स पर अभिव्यक्ति के निर्णायक की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया और कहा कि वे “जिस विचार से असहमत होते हैं, उसे गायब कर देते हैं और आपको चुप करा देते हैं।” प्लेटफॉर्म्स पर सरकारी दबाव ने ऑनलाइन बहस को और विकृत किया है।

अन्य लोगों ने चेतावनी दी कि यह समस्या किसी एक राजनीतिक पक्ष तक सीमित नहीं है। सीनेटर ब्रायन शैट्ज़ ने स्वीकार किया कि दोनों पार्टियां तथाकथित “जॉबोनिंग” यानी प्लेटफॉर्म्स पर सामग्री नियंत्रित करने के लिए अनौपचारिक दबाव का सहारा लेती रही हैं।

गवाहों ने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति संस्थानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स दोनों में भरोसे को कमजोर कर सकती है।

डैफनी केलर ने कहा कि कुछ गिनी-चुनी कंपनियों के हाथ में संचार की शक्ति का केंद्रीकरण अभिव्यक्ति को दबाव के प्रति संवेदनशील बनाता है।

उन्होंने कहा, “हमारी सारी अभिव्यक्ति इस समय इन बड़ी निजी कंपनियों पर बहुत अधिक निर्भर है” और वर्तमान समय को “अभूतपूर्व संवेदनशीलता” का दौर बताया।

हालांकि, गलत जानकारी पर नियंत्रण के प्रयास संवैधानिक चुनौतियां भी पैदा करते हैं। केलर ने जोर देकर कहा कि कई हानिकारक या आपत्तिजनक सामग्री भी संरक्षित अभिव्यक्ति के दायरे में आती है, जिससे सरकार के लिए उसे हटाने का आदेश देना सीमित हो जाता है।

–khabarwala24

पीएम

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