Hapur News खस्ताहाल इमारत से ‘निपुण विद्यालय’ बनने का सफर, जानें कैसे प्रधानाध्यापिका डॉ. सुमन अग्रवाल ने बदली शिवा प्राथमिक पाठशाला की तस्वीर

Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ के नगर क्षेत्र में स्थित कलैक्टर गंज की शिवा प्राथमिक पाठशाला आज पूरे ब्लॉक में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी है। यह स्कूल वर्तमान में हापुड़ नगर क्षेत्र का इकलौता ‘निपुण विद्यालय’ घोषित है। हालांकि, वर्ष 2011 में इस विद्यालय की स्थिति बेहद चिंताजनक […]

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Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ के नगर क्षेत्र में स्थित कलैक्टर गंज की शिवा प्राथमिक पाठशाला आज पूरे ब्लॉक में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी है। यह स्कूल वर्तमान में हापुड़ नगर क्षेत्र का इकलौता ‘निपुण विद्यालय’ घोषित है। हालांकि, वर्ष 2011 में इस विद्यालय की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। जब डॉ. सुमन अग्रवाल ने यहाँ प्रधानाध्यापिका के रूप में पदभार ग्रहण किया था, तब स्कूल का भवन जर्जर अवस्था में था और ढहने की कगार पर पहुँच चुका था। पीने के साफ पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी, एकमात्र शौचालय पर ताला लटका रहता था और बच्चे धूल भरे फर्श पर बैठने को मजबूर थे। उस समय स्कूल में नामांकित छात्रों की संख्या महज 15 से 20 ही रह गई थी।

निजी वेतन से कराया जीर्णोद्धार, 50 लाख की सरकारी जमीन कराई कब्जामुक्त (Hapur News)

विद्यालय की दुर्दशा देखकर डॉ. सुमन अग्रवाल ने हताश होने के बजाय बदलाव की नींव रखी। उन्होंने अपने निजी वेतन का उपयोग कर सबसे पहले स्कूल की छत और फर्श का निर्माण कराया, ताकि बच्चों को बैठने योग्य वातावरण मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय की उस भूमि को वापस पाने के लिए एक लंबा संघर्ष शुरू किया, जिस पर पिछले 35 वर्षों से अवैध कब्जा बना हुआ था। उनके निरंतर प्रशासनिक प्रयासों और कड़े रुख के कारण लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। भूमि मिलने के उपरांत उन्होंने शासकीय अनुदान और अपने व्यक्तिगत संसाधनों के समन्वय से वहां एक नए एवं भव्य विद्यालय भवन का निर्माण पूर्ण कराया।

250 से अधिक घरों का दौरा: 15 से बढ़कर 102 पहुंची छात्रों की संख्या (Hapur News)

नया भवन तैयार होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की थी। सीमित स्थान के बावजूद डॉ. अग्रवाल ने हार नहीं मानी और क्षेत्र के 250 से अधिक परिवारों के घर-घर जाकर अभिभावकों को काउंसलिंग प्रदान की। उनकी इस लगन का ही परिणाम था कि विद्यालय में बच्चों का नामांकन 15 से बढ़कर 102 तक पहुंच गया। दो कमरों के सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद उन्होंने शिक्षण गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया। आज इस विद्यालय में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामान्य ज्ञान के लिए आधुनिक ‘लेसन प्लान’ के तहत पढ़ाई कराई जाती है।

खेलकूद में मंडल स्तर पर परचम और सामाजिक अभियानों में अग्रणी भूमिका (Hapur News)

किताबी पढ़ाई के अलावा नवाचार और प्रैक्टिकल लर्निंग पर विशेष ध्यान देना डॉ. अग्रवाल की कार्यशैली का मुख्य हिस्सा रहा है। उनके मार्गदर्शन में स्कूल के छात्रों ने जिला और मंडल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। स्कूल के एक दिव्यांग (मूकबधिर) छात्र ने जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया।

इसके अतिरिक्त, डॉ. सुमन अग्रवाल ने मतदाता जागरूकता के लिए ‘स्वीप’ (SVEEP) कार्यक्रम के अंतर्गत भी व्यापक स्तर पर कार्य किया है। उनके नेतृत्व में चलाए गए रैलियों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से हजारों नागरिकों को मतदान के प्रति जागरूक किया गया, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है।

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