Khabarwala 24 News Lucknow : उत्तर प्रदेश को देश में आधुनिक, सुलभ और तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य व्यवस्था का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में योगी सरकार एक ऐतिहासिक पहल करने जा रही है। सोमवार को लखनऊ में दो दिवसीय ‘यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस’ प्रारंभ होने जा रहा है, जो राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर आम नागरिक तक बेहतर इलाज पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल, और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह उपस्थित रहेंगे। कॉन्फ्रेंस में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार सिंह, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम में राज्य और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। वहीं, नीति आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विश्व बैंक, गेट्स फाउंडेशन, और गूगल सहित देश-विदेश के एआई और हेल्थ सेक्टर के विशेषज्ञ सम्मेलन के विभिन्न सत्र में हिस्सा लेंगे। उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे, मेडिकल एजुकेशन, डिजिटल गवर्नेंस, और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
यह सम्मेलन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उन्हीं नीतियों का विस्तार है, जो “डिजिटल उत्तर प्रदेश” और “स्मार्ट हेल्थ सिस्टम” की परिकल्पना को साकार करती हैं। यह कॉन्फ्रेंस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को एआई आधारित, भविष्य-तैयार और जन-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली को और प्रभावी बनाने में कारगर होगा। कॉन्फ्रेंस के अंतर्गत सोमवार को पहले दिन उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश में एआई आधारित स्वास्थ्य नवाचार की दिशा और विजन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद होने वाले सत्रों में वैश्विक स्तर पर हेल्थकेयर में एआई के सफल प्रयोगों, आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण में एआई की भूमिका तथा भारतीय राज्यों में एआई की मौजूदा स्थिति पर गहन चर्चा होगी।
इसके साथ ही, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, डेटा गवर्नेंस और सुरक्षित एआई अपनाने जैसे विषयों पर मंथन से यह स्पष्ट होगा कि उत्तर प्रदेश किस तरह नीति और तकनीक के संतुलन से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बना सकता है। मंगलवार को सम्मेलन का दूसरा दिन पूरी तरह व्यावहारिक उपयोग पर केंद्रित रहेगा।
एआई के माध्यम से डॉक्टरों, नर्सों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने, टेलीमेडिसिन और रिमोट केयर को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर विशेष सत्र होंगे। वहीं, रेडियोलॉजी, टीबी स्क्रीनिंग, पैथोलॉजी, कैंसर और स्मार्ट मेडिकल डिवाइसेज में एआई के उपयोग से तेज और सटीक जांच की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। स्टार्टअप पिच सत्र और राज्यों के लिए एआई रोडमैप यह बताएंगे कि भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं कैसे अधिक किफायती और सुलभ होंगी।
सम्मेलन के दौरान इनोवेशन एंड एक्सपीरियंस जोन में एआई आधारित हेल्थ सॉल्यूशंस, स्टार्टअप्स और उत्तर प्रदेश में लागू पायलट प्रोजेक्ट्स का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा, जो नीति और तकनीक के बीच सेतु का काम करेगा।
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