ठंड के सितम से सिकुड़ गए लोग

खबरwala 24 न्यूज हापुड़ : हाड़ कंपा देनी वाली ठंड ने लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया है। कुछ लोग मजबूरी में घरों से बाहर निकलकर खरीदारी करने पहुंचे, लेकिन ठंड ने उन्हें कंपा दिया। पूरे दिन सूर्य देव बादलों से बाहर निकलने का प्रयास करते दिखे। उधर, रैन बसेरों में इंतजामों […]

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खबरwala 24 न्यूज हापुड़ : हाड़ कंपा देनी वाली ठंड ने लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया है। कुछ लोग मजबूरी में घरों से बाहर निकलकर खरीदारी करने पहुंचे, लेकिन ठंड ने उन्हें कंपा दिया। पूरे दिन सूर्य देव बादलों से बाहर निकलने का प्रयास करते दिखे। उधर, रैन बसेरों में इंतजामों को बढ़ाया गया है। साथ ही दिन में भी अलाव भी जलेंगे। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 16 और न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस रहा।

पिछले कई दिनों से गिरते तापमान ने लोगों के जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। दिन में भी धूप न निकलने से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूप न निकलने से महिलाओं का घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। शीतलहर ने लोगों को परेशान किया हुआ है। गलन वाली ठंड के कारण लोगों के हाथ पैर सुन पड़ रहे हैं। सिर पर टोपी, हाथों में दस्ताने पहनकर लोग बाहर निकल रहे हैं। इसके बाद भी ठंड से लोगों की कंपकंपी छूट गई है।

तीन रैन बसेरों में इंतजाम हैं पूरे

नगर पालिका ने शहर में अतरपुरा चौपला, दिल्ली रोड बस अड्डा और रेलवे स्टेशन के नजदीक रैन बसेरा बनाया है। इन रैन बसेरों में 50 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई थी। ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए यह संख्या 70 कर दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर दिन में भी पुलिस के जवान अब रैन बसेरों में तैनात किए गए हैं।

26 स्थानों पर अलाव

शहर में 26 स्थानों पर अलाव जलाया जा रहा है। ठंड को देखते हुए दिन में भी अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं।

ठंड से गेहूं को फायदा, आलू और सरसों पर रोग लगने का खतरा

सर्दी और कोहरे ने जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस मौसम से जहां गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। वहीं, आलू व सरसों की फसलों पर रोग लगने का खतरा मंडरा रहा है। कुछ जगहों पर आलू में झुलसा, जबकि सरसों की फसल में माहू रोग लग गया है। जिले में इस बार 4000 हेक्टेयर में आलू, 2,820 हेक्टेयर में सरसों और 43,326 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बोआई की गई है। जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि आलूू की फसल को पाले से बचाने के लिए किसान हल्की सिंचाई करें। इसके अलावा शाम के वक्त किसान आलू के खेत के आसपास धुुआं कर दें। जिससे फसल पर पाले का असर नहीं पड़ेगा। सरसों की फसल को माहू रोग से बचाने के लिए किसान इमिडा क्लोप्रिड मैलाथियान दवा का छिड़काव करें। गेहूं की फसल के लिए यह मौसम अनुकूल है।

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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