Khabarwala24 Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में सरकारी तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने के लिए प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई है। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अय्यूब सिद्दीकी के मकान को निशाना बनाते हुए टीम पहुंची, जिससे गांव में तनाव फैल गया। ग्रामीणों और सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया, रास्ते बंद कर दिए गए और कई नेताओं को रोका गया। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई नियमों के अनुसार हो रही है, जबकि सपा ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
गांव हैदरनगर नंगौला में बुलडोजर कार्रवाई (Hapur News)
बुधवार को हापुड़ सदर तहसील के गांव हैदरनगर नंगौला में प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ पहुंची। सरकारी तालाब की भूमि पर बने अवैध कब्जों को हटाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, गांव में करीब 42 मकान सरकारी जमीन पर बने हुए हैं। प्रशासन ने पहले ही सभी कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर दिया था।
सपा नेता अय्यूब सिद्दीकी का मकान सबसे पहले कार्रवाई के दायरे में आया। टीम के पहुंचते ही स्थानीय लोगों और सपा समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने गांव के मुख्य रास्तों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली, थ्रेसिंग मशीन और अन्य भारी वाहन खड़े करके रास्ता बंद कर दिया। इस कारण गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
विरोध और पुलिस की तैयारी (Hapur News)
ग्रामीणों का आरोप है कि मामला अदालत में विचाराधीन है, फिर भी प्रशासन ने जल्दबाजी में कार्रवाई शुरू कर दी। विरोध के दौरान बुलडोजर चलाया गया, जिससे ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस और पीएसी की भारी तैनाती की गई थी।
कार्रवाई की खबर मिलते ही सपा नेता सुधीर चौहान, श्यामसुंदर भुर्जी, पियूष मंडोडिया, संजय गहलौत, दीपाका, सीमा तनेजा समेत कई नेता और कार्यकर्ता अय्यूब सिद्दीकी के समर्थन में गांव में पहुंच गए। उन्होंने प्रसासन की इस कार्रवाई का जमकर विरोध किया। धरना देकर नारेबाजी की गई।

क्या कहता है जिला प्रशासन
जिला प्रशासन ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि ग्राम अमीपुर नंगौला में खसरा संख्या 115 जिसका रकबा 0.0880है० है, जो जोहड़ (श्रेणी 6-1) की भूमि के रूप में राजस्व अभिलेखों में अंकित है। जिस पर अययूब पुत्र अहमद अली निवासी ग्राम अमीपुर नंगौला का अवैध कब्जा पाया गया, जिसे तत्कालीन तहसीलदार न्यायिक हापुड के वर्ष 2014 के आदेश के द्वारा बेदखली एवं जुर्माने के आदेश पारित किये गये। जिसके विरूद्ध न्यायालय जिलाधिकारी में भी निगरानी योजित की गयी। तत्कालीन जिलाधिकारी हापुड के आदेश 27-04-2015 के द्वारा निगरानी निरस्त की गयी। अवैध अतिक्रमणकारी को अवैध कब्जा हटाये जाने के लिए दिसंबर 2025 और फरवरी 2026 में नोटिस जारी किए थे, परन्तु इनके द्वारा अवैध कब्जा नही हटाया गया। । इसके अतिरिक्त अवैध अतिक्रमणकारी का एक मकान ओर भी ग्राम में स्थित है जिसमें यह निवास करते है। इसी के तहत आज बुधवार की सुबह को नौ बजे अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) तथा अपर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में राजस्व टीम एवं पुलिस बल के माध्यम से अवैध अतिक्रमण को हटवाया गया। उक्त कार्य प्रातः 11:50 बजे तक समाप्त करा लिया गया।
सपा का आरोप: राजनीतिक प्रतिशोध (Hapur News)
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। उनका कहना है कि चुनिंदा लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं प्रशासन का पक्ष है कि सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए नियमों के तहत अभियान चलाया जा रहा है।
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