Khabarwala24 Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण सड़क दुर्घटना में मारे गए माफिया अतीक अहमद के 21 वर्षीय सबसे छोटे बेटे अबान और उसके साथी सोनू की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। डॉक्टरों की तीन सदस्यीय विशेष समिति द्वारा किए गए शव परीक्षण में खुलासा हुआ है कि एक्सीडेंट के दौरान लगे ज़बरदस्त झटके से अबान का लिवर, फेफड़े (लंग्स) और तिल्ली (स्प्लीन) पूरी तरह फट गए थे, जबकि उसकी पसलियां भी टूट गई थीं। अत्यधिक अंदरूनी रक्तस्राव (इंतर्नल ब्लीडिंग) ही उसकी मौत की मुख्य वजह बनी।
गुरुवार की देर रात करीब 11:30 बजे झांसी मेडिकल कॉलेज में तीन डॉक्टरों—डॉ. रजनीश, डॉ. पंकज मुसतारिया और डॉ. जिया जफर के पैनल ने दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम पूरा किया। इसके बाद अबान का बड़ा भाई अहजम पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचा। भाई का बेजान शरीर देखते ही अहजम बिलख-बिलख कर रो पड़ा, जिसे वहां मौजूद रिश्तेदारों ने संभाला। अहजम ने पुलिस प्रशासन से पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की प्रति मांगी, जिस पर अधिकारियों ने बाद में लिखित रिपोर्ट देने की बात कही।
आधी रात के वक्त अहजम ने एम्बुलेंस में दोनों शवों को रखवाया और प्रयागराज के लिए रवाना हो गया, जहां आज दोनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जेल में बंद भाई अली से मिलने जा रहे थे, डिवाइडर से टकराई तेज रफ्तार कार (Jhansi News)
घटनाक्रम के अनुसार, गुरुवार सुबह लगभग 5 बजे अबान प्रयागराज से अपने दोस्तों के साथ क्रेटा कार में सवार होकर झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात करने निकला था। कार में कुल 5 लोग सवार थे।
झांसी-कानपुर हाईवे पर झांसी से लगभग 70 किलोमीटर पहले पूंछ थाना क्षेत्र में करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से दौड़ रही क्रेटा कार अचानक बेकाबू होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी करीब 7 फीट हवा में उछल गई और उसके कलपुर्जे हाईवे पर 40 फीट दूर तक जा बिखरे। कार का बायां हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
अबान कार की अगली सीट पर बैठा था और उसका साथी मोहम्मद जैद गाड़ी चला रहा था। अबान की सीट के ठीक पीछे सोनू बैठा हुआ था। कार का बायां हिस्सा ही डिवाइडर से टकराया था, इस वजह से उसी तरफ बैठे अबान और सोनू को सबसे ज्यादा गंभीर चोटें आईं और दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कार सवार तीन अन्य साथी—उमर अहमद, मोहम्मद जैद और फारुक अहजम गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शी ने लोहे की रॉड से दरवाजा तोड़कर निकाला बाहर (Jhansi News)
दुर्घटना के बाद मौके पर सबसे पहले पहुंचे स्थानीय निवासी दीपक यादव ने बताया कि भयंकर आवाज सुनकर वह तुरंत घटनास्थल की तरफ भागे। उन्होंने क्षतिग्रस्त कार का दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह पूरी तरह लॉक हो चुका था। इसके बाद वे पास के एक मकान से लोहे की रॉड (सब्बल) लेकर आए और दरवाजा तोड़ा।
दीपक के मुताबिक, जब उन्होंने दरवाजा खोलकर अगली सीट पर बैठे युवक को बाहर निकाला, तो उसका मुंह खून से भरा हुआ था। होश खोने से ठीक पहले उस युवक ने दीपक से कहा, “मेरा नाम अबान है, मुझे बचा लो।” इतना कहने के तुरंत बाद वह अचेत हो गया।
पोस्टमॉर्टम में सामने आईं ये गंभीर चोटें (Jhansi News)
पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया संपन्न कराने वाले डॉ. रजनीश ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि दोनों मौते दुर्घटना के दौरान आई भीषण चोटों के कारण ही हुई हैं। उन्होंने बताया कि पैनल ने सबसे पहले अबान के शव का परीक्षण किया, जिसमें कुल 23 छोटी-बड़ी चोटें दर्ज की गईं। उसके शरीर के अंदरूनी अंगों के फटने से पेट और छाती की गुहा में खून भर गया था।
वहीं, अबान के ठीक पीछे बैठे सोनू के सिर की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर मिला और उसके दोनों हाथों की हड्डियां भी टूट गई थीं। सिर में आई गंभीर चोट ही सोनू की मृत्यु का कारण बनी।
सोनू दुबई से लौटकर चलाता था ट्रेलर, कार से मिलीं किताबें और सिगरेट (Jhansi News)
सोनू का शव लेने सतना से झांसी पहुंचे उसके रिश्तेदार (जीजा) ने बताया कि सोनू पेशे से ट्रेलर चालक था और कुछ समय पहले ही दुबई से अपने घर वापस आया था। कांवड़ यात्रा के चलते फिलहाल काम बंद चल रहा था। चूंकि वह कार चालक जैद और उसके साथियों का दोस्त था, इसलिए उनके साथ झांसी आ रहा था।
उधर, फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने दुर्घटनाग्रस्त कार की सघन जांच की। कार के मलबे से पुलिस को सिगरेट के पैकेट, जूते और दो प्रसिद्ध पुस्तकें—’द इडियट’ और ‘द स्टेशनरी शॉप ऑफ तेहरान’ बरामद हुईं। पुलिस का मानना है कि अबान ये किताबें और अन्य सामान झांसी जेल में निरुद्ध अपने भाई अली को देने के लिए ले जा रहा था। जिस कार से हादसा हुआ, वह चालक जैद को उसकी शादी में मिली थी, जो अतीक अहमद की मौसेरी बहन का दामाद है।
अतीक परिवार का इतिहास: 5 में से बचे सिर्फ 3 बेटे (Jhansi News)
अतीक अहमद के कुल 5 बेटे थे, जिनमें 21 वर्षीय अबान सबसे छोटा था। इससे पहले अतीक का तीसरा बेटा असद अप्रैल 2023 में झांसी में ही यूपी एसटीएफ के साथ हुए एनकाउंटर में मारा गया था। अबान की मौत के बाद अतीक के अब 3 बेटे जीवित हैं। इनमें सबसे बड़ा बेटा उमर लखनऊ की जेल में बंद है, दूसरा बेटा अली झांसी जेल में है, जबकि चौथा बेटा अहजम फिलहाल स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई कर रहा है।
झांसी पहुंचे अहजम ने भावुक होते हुए पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई कि “मिट्टी में भाइयों को आने दिया जाए”, ताकि जेल में बंद उसके भाई अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें। अहजम की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मां शाइस्ता परवीन पर 50 हजार का इनाम, क्या जनाजे में पहुंचेगी? (Jhansi News)
प्रयागराज में फरवरी 2023 में हुए चर्चित उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही अतीक अहमद की पत्नी और अबान की मां शाइस्ता परवीन फरार चल रही हैं। उस पर पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा है और उसके खिलाफ 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गौर करने वाली बात है कि अप्रैल 2023 में जब बेटे असद का एनकाउंटर हुआ था और उसके तुरंत बाद 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में पुलिस कस्टडी के दौरान अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, तब भी शाइस्ता परवीन या अशरफ की फरार पत्नी जैनब जनाजे में शामिल नहीं हुई थीं। अब छोटे बेटे अबान की असमय मौत के बाद प्रशासनिक गलियारों में यह सवाल फिर उठ रहा है कि क्या शाइस्ता अपने बेटे के अंतिम संस्कार में आएगी या नहीं।
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