Hapur News Khabarwala24 News Hapur : पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में गंगा किनारे बसे खादर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों लोग बाढ़ आने से पूर्व ही दहशत में हैं। क्योंकि यहां पर हर साल गंगा अपना विकराल रुप धारण कर लेती है।
अभी नहीं बढ़ा जैसे हालात
गढ़-खादर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में प्रत्येक वर्ष बाढ़ कहर बरपाती है। इस कारण इन गांवों में रहने वाले लोगों के माथे पर बाढ़ आने से पूर्व ही चिंता की लकीरें गहराने लगी हैं, हालाकि अभी बाढ़ जैसे हालत नहीं है। खादर क्षेत्र के इन गावों में रहने वाले लोगों का कहना है कि जैसे ही गंगा का जलस्तर और बढ़ेगा वैसे ही गंगा क्षेत्र के इन गावों की ओर रुख करेगी। प्रत्येक वर्ष बाढ़ के पानी से किसानों की हजारों एकड़ फसल तबाह हो जाती है। पशु आदि भी बह जाते हैं। अनाज व कीमती सामान भी नष्ट हो जाता है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि अभी बाढ़ के हालात नहीं है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में हो रही बारिश को देखते हुए बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी हैं। सभी को तैयार रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।

शनिवार को 50 सेंटीमीटर की बढो़त्तरी की दर्ज
शनिवार के बाद रविवार को भी गंगा के जलस्तर में 50 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार को गंगा का जलस्तर समुंद्रतल से 198.90 मीटर पहुंच गया है। जबकि बिजनौर बैराज से रविवार की शाम करीब चार बजे 48 हजार 200 क्यूसेक पानी ओर छोड़ा गया है।
-इन गावों पर मंडराता है बाढ़ का खतरा
खादर क्षेत्र के गाव अब्दुल्लापुर, नया बांस, नया गाव, झड़ीना, आलमगीरपुर, शेरा कृष्णा वाली मढैया, बागड़पुर, अक्खापुर, गंगानगर, लठीरा, गढावली, रामपुर नयामतपुर, भगवंतपुर, बलवापुर, मोहम्मदपुर रूस्तमपुर, मढैया किशन सिंह आदि।
लगातार निगाह रखे हैं अफसर
बाढ़ से निपटने के लिए बाढ़ नियंत्रण चौकियां बनाई गई हैं, जिन पर लेखपालों की तैनाती की गई है। जो गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। पल-पल की जानकारी कंट्रोल रूम को दी जा रही है।



