9 जनवरी का पंचांग : माघ मास की सप्तमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

नई दिल्ली, 8 जनवरी (khabarwala24)। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य या पूजा-पाठ की शुरुआत से पहले पंचांग से शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र आदि का विचार किया जाता है। राहुकाल या भद्राकाल जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्य वर्जित माने जाते हैं। जानते हैं 9 जनवरी, दिन शुक्रवार का […]

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नई दिल्ली, 8 जनवरी (khabarwala24)। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य या पूजा-पाठ की शुरुआत से पहले पंचांग से शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र आदि का विचार किया जाता है। राहुकाल या भद्राकाल जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्य वर्जित माने जाते हैं। जानते हैं 9 जनवरी, दिन शुक्रवार का संपूर्ण पंचांग।

पंचांग के पांच मुख्य अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण होते हैं। इनका ध्यान रखकर कार्य करने से सफलता मिलती है। ज्योतिष विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शुभ मुहूर्त में कार्य कर अशुभ समय से बचना चाहिए।

दृक पंचांग के अनुसार, 9 जनवरी को शुक्रवार का दिन है। माघ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पूरी रात तक रहेगी। उसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। सूर्य धनु राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेंगे।

सूर्योदय सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 41 मिनट पर होगा। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक रहेगा, उसके बाद हस्त नक्षत्र लगेगा। योग शोभन दोपहर 4 बजकर 56 मिनट तक और फिर अतिगंड योग रहेगा। करण विष्टि शाम 7 बजकर 39 मिनट तक और फिर बव करण पूरी रात रहेगा।

वही, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए उत्तम समय है। शुभ कार्य करने वालों को राहुकाल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। राहुकाल सुबह 11 बजकर 10 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इस समय कोई नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू नहीं करना चाहिए, क्योंकि राहुकाल में किए कामों में बाधाएं आ सकती हैं।

शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन विष्णुप्रिया की पूजा करने से घर में धन-समृद्धि और सुख-शांति आती है। पूजा के लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। घर के पूजा स्थल में माता लक्ष्मी की प्रतिमा या फोटो की विधिवत पूजन करें। माता के सामने दीपक जलाएं और धूप-अगरबत्ती दिखाएं।

माता लक्ष्मी को इत्र, अबीर-बुक्का, कमल का फूल, लाल या पीले फूल, फल, सफेद मिठाई और दूध का प्रसाद चढ़ाएं। इसके बाद ‘ओम श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें। लक्ष्मी चालीसा, कनक धारा या सूक्त पाठ करें। प्रसाद के रूप में खीर या हलवा बनाएं। शाम को दीपक जलाकर आरती करें। पूजा के बाद प्रसाद बांटें और दान करें। नियमित रूप से शुक्रवार व्रत रखने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आर्थिक संकट दूर होते हैं।

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