Congress Boycott सोमनाथ मंदिर से राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा तक… जानिए कांग्रेस ने कब-कब बड़े आयोजनों का किया बहिष्कार

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Khabarwala 24 News New Delhi : Congress Boycott 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में कांग्रेस ने शामिल न होने का फैसला किया है। कांग्रेस ने बयान जारी कर इसे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी का कार्यक्रम बताया। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस ने इस तरह के आयोजन का बहिष्कार किया है। बीजेपी ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से दूरी बनाने के फैसले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है।

बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, कांग्रेस की बहिष्कार करने वाली परंपरा रही है। मई 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार के नेतृत्व में हुए पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद 10 दिन तक कांग्रेस ने कोई बयान नहीं दिया था। गुरुवार (11 जनवरी) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कांग्रेस नकारात्मक राजनीति करती है और हर चीज का बहिष्कार कर रही है. इसलिए जनता ने कांग्रेस का बहिष्कार कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह गांधी (महात्मा गांधी) की नहीं बल्कि नेहरू (जवाहरलाल नेहरू) की कांग्रेस है। इतना ही नहीं बीजेपी ने तमाम ऐसे मौके गिनाए, जब कांग्रेस ने इस तरह के बड़े आयोजनों का बहिष्कार किया।

जनवरी 2024 (Congress Boycott)

राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, अधीर रंजन चौधरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण मिला था. लेकिन कांग्रेस ने इस आयोजन से दूरी बनाने का फैसला किया है.

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सितंबर 2023 (Congress Boycott)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा G-20 समिट के दौरान रात्रिभोज का आयोजन किया गया था। इसके लिए कांग्रेस के कई नेताओं को निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन कांग्रेस शासित प्रदेशों समेत तमाम नेता इसमें शामिल नहीं हुए थे। हालांकि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह इस कार्यक्रम में पहुंचे थे।

मई 2023 

नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार- इसी तरह मई 2023 में नई संसद का उद्घाटन हुआ था। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने इसका बहिष्कार किया था। इन पार्टियों का कोई भी नेता नई संसद के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ था।

जनवरी 2021 

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संसद के संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया था।

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दिसंबर 2020

कांग्रेस ने नई संसद भवन के भूमि पूजन समारोह का भी बहिष्कार किया था।

अगस्त 2019 

प्रणब मुखर्जी को जब भारत रत्न दिया गया था, तब इस समारोह में मनमोहन सिंह, राहुल गांधी और सोनिया गांधी अनुपस्थित रहे थे। हालांकि के कई अन्य कांग्रेस इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

जून 2017 

कांग्रेस ने GST लागू होते वक्त संसद के सत्र का बहिष्कार किया था।

1951 

जवाहर लाल नेहरू कथित तौर पर सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति के खिलाफ थे, इसलिए उन्होंने इस आयोजन से दूरी बनाने का फैसला किया था।

2004 के बाद 2009 तक 

कांग्रेस ने कारगिल विजय दिवस का बहिष्कार किया।

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Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

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